पत्रकार संगठन और उनके उद्देश्यो की जटिलताये

पत्रकार संगठन और उनके उद्देश्यो की जटिलताये


दीप तले अंधेरा


सन्त कबीर नगर = पत्रकारो  के हित को साधते हुए जनपद मे कइयो पत्रकार संगठन अपने अस्तित्व को कायम किये हुए है । पत्रकार उत्पीड़न समस्या निदान के क्रम मे यदा - कदा उनकी चहलकदमी होती रहती है । लेकिन इस चहलकदमी को अगर औपचारिकता का रूप मात्र कहा जाय तो कोई अतिश्योक्ति नही होनी चाहिए । मसलन इनके उद्देश्य मतभेदो अथवा कुछ और कारणो के इर्द गिर्द सदैव घिरी हुई नजर आती है । जनपद मे कोई ऐसा संगठन नही है जो अपने उद्देश्यो की पूर्ति मे काम करता हो । किसी न किसी रूप मे भटकता हुआ नजर आता है जर्नलिज्म की दृष्टि मे तो और । जिसका उदाहरण हालिया मे एक पत्रकार के उत्पीड़न मे हितार्थ उठाई गई आवाज है जिसमे महज पचास की संख्या के आस - पास ही मीडियाकर्मी एकजुटता का परिचय के साथ पूर्व के तमाम उदाहरण है । जबकि संख्या का बल देखा जाय तो सैकड़ो की है । वही अगर संगठनो का आंकड़ा देखा जाय तो चार पांच संगठनो से कही अधिक संगठनो का रिकार्ड मिल जायेगा ।

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