परियोजनाओ के शत - प्रतिशत क्रियान्वयन मे सोशल आडिट की खानापूर्ति

परियोजनाओ के शत - प्रतिशत क्रियान्वयन मे सोशल आडिट की खानापूर्ति 


पर्यवेक्षण का दायित्व निर्वहन कोसो दूर 


सन्त कबीर नगर { हैंसर बाजार } परियोजनाओ के शत - प्रतिशत क्रियान्वयन मे सोशल आडिट खानापूर्ति बनकर रह गया है । उसके तीन दिन के भौतिक सत्यापन से लेकर खुली बैठक तक कोई मतलब नही समझा जा रहा है । जिसका उदाहरण ग्राम पंचायत गाई बसंतपुर है जहां वित्तीय वर्ष 2023- 2024 मे हुए मनरेगा योजना के तहत कार्यो के शत - प्रतिशत क्रियान्वयन मे संपादित हुआ सोशल आडिट है । जिसके मूल उद्देश्य मे न रोजगार सेवक ने अपनी कुछ जिम्मेदारी समझी और न ही उपस्थिति दर्ज कराते हुए फोटो खिंचवाने तक तकनीकी सहायक ने अपनी जिम्मेदारी समझी । 
वित्तीय वर्ष के कुल 30 लाख 68 हजार 515 की व्यय राशि मे 11 परियोजनाओ { 1 पंचायत भवन , 3 इण्टर लाकिंग , 4 चकरोड , 3 पोखरा खुदाई के भौतिक सत्यापन से लेकर ग्रामीणो के साथ खुली बैठक मे कोई सहयोग नही किया गया ।
जिससे आरसीसी से पारस प्रजापति के पूरब जगदीश के खेत 98 मीटर इण्टरलाकिंग , प्रदीप के घर से सेतवान के खेत तक 87 मीटर इंटरलॉकिंग का मानक के अनुरूप जहां सत्यापन नही हुआ वही रामटहल के घर से दिलीप के खेत तक इंटरलॉकिंग का मानक के अनुरूप न तो सत्यापन हुआ और न ही उसका फाइल उपलब्ध कराया गया । दौरान मनरेगा मजदूर राम सजीवन , श्रवण कुमार , विजय कुमार , सुरेन्द्र कुमार , सोनू , हरिश्चंद्र आदि ने जाबकार्ड बनाने का मांग किया ।
सेवन रजिस्टर के अनुपलब्ध रहने की दशा मे बताया गया कि सेवन रजिस्टर एवं रामटहल के घर से दिलीप के खेत तक इंटरलाकिंग का फाइल सचिव के पास है ।
हर चीज से अनभिज्ञ आडिट की अध्यक्षता ओम प्रकाश ने किया ।
इस अवसर पर बीआरपी सन्त देव , पंचायत सहायक रंजना , ग्राम प्रधान टीम सदस्य अशोक , मिसलावती , रामधारी , सुरेश चन्द्र आदि उपस्थित रहे ।

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

खड़ंजे पर हुआ चकरोड मिट्टी कार्य !

देश की स्वतंत्रता पूर्वजों की उम्मीद = अब्दुल्लाह खान

पांच महीने पूर्व से मानदेय न मिलने से जीवन यापन हुआ प्रभावित दिया गया ज्ञापन