॥ कोरोना हारेगा ॥ अनमोल जिन्दगी मे उदासीनता की कीमत

॥ कोरोना हारेगा ॥ अनमोल जिन्दगी मे उदासीनता की कीमत 

▪जान है तो जहान है▪

जी एल वेदांती
सन्त कबीर नगर - जिस स्वस्थ और बेहतर जिन्दगी के लिए अच्छे से अच्छे घर का निर्माण करते है रोजी - रोटी के लिए कड़ी मेहनत से लेकर इमान बेचते है नाते - रिश्ते भूलकर मानवीय चेहरे का तिरस्कार करते है बूढ़े मां - बाप को घर से बाहर निकालकर बेघर करते है आपसी भाईचारे को तिलांजलि देकर अपराध भ्रष्टाचार को अंगीकार करते है बेटियो को दहेज के नाम पर जलाकर राख करते है एक अंगुल जमीन का संतोष छोड़कर हत्या जैसा जघन्य अपराध करते है आज वही जिन्दगी कोविड 19 के सामने घुटने टेक दी है सुरक्षा के क्रम मे सरकार से लेकर जिला प्रशासन द्वारा की जा रही सुरक्षा की व्यवस्था " सोशल डिस्टेंसिंग , सेनेटाइजर व मास्क प्रयोग " का कोई मतलब नही दिख रहा । सोशल डिस्टेंसिंग से लेकर सेनेटाइजर व मास्क प्रयोग सख्ती अभियान सब धरी की धरी रह जा रही है न जागरूकता दिखायी जा रही है न सुरक्षा का दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है ।
उल्लेखनीय है कि पूरी दुनिया को अपना भयंकर रूप दिखाकर नरसंहार करने वाला वैश्विक महामारी कोविड 19 से बचाव के क्रम मे सरकार द्वारा बीते वर्ष लाकडाउन से लेकर टीकाकरण का रास्ता अख्तियार किया जा रहा है । दुबारा बढ़ते इसके संक्रमण दायरे से आम जनमानस को सुरक्षित जिन्दगी देने के निसबत से चिन्तित सरकार और जिला प्रशासन सुरक्षित दृष्टिकोण अपना रहा है राज्य सरकारे जहां मिनी लाकडाउन , नाइट कर्फ्यू का निर्णय ले रही है वही जिला प्रशासन जारी गाइड लाइन के अनुपालन मे जागरूकता से लेकर मास्क वितरण एवं चालान कर रहा है । फिर भी जाने किस गफलत मे पड़ा ये जनमानस सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन अनुपालन से दूरी बनाने मे दिलचस्पी दिखा रहा है । विगत वर्ष भयावह स्थिति का सामना के बावजूद जागरूकता के साथ मास्क चेकिंग अभियान को लापरवाही का दृष्टिकोण दिखा रहा है मानो वैश्विक महामारी कोविड 19 कोई बीमारी नही है बल्कि नरसंहार देख चुकी देश दुनिया की कोई अठखेलियां है । 
बता दे कि नरसंहार रूप कोविड 19 के बढ़ते संक्रमण दायरे को लेकर सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन के अनुपालन मे जिलाधिकारी दिव्या मित्तल व पुलिस अधीक्षक डां कौस्तुभ , सदर तहसीलदार राजेश अग्रवाल द्वारा जागरूकता के साथ बतौर सख्ती मास्क चेकिंग अभियान चलाने के बावजूद भी लोग लापरवाही बरत रहे है । अलबत्ता ऐसे मे ये कहना कि " अनमोल जिन्दगी मे उदासीनता की कीमत " है गलत नही होगा ।

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