जीवनदायिनी स्वास्थ्यवर्धक मास्क का करे प्रयोग रहे सुरक्षित

जीवनदायिनी स्वास्थ्यवर्धक मास्क का करे प्रयोग रहे सुरक्षित

सन्त कबीर नगर - वैश्विक महामारी कोविड 19 अपने दूसरे लहर मे जिन्दगियो को निगलना शुरू कर दिया है़ । देश मे सर्वाधिक कोविड संक्रमित राज्यो मे महाराष्ट्र के बाद उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर है़ । ऐसे मे गंभीर बनना उतना ही जरूरी है़ जितना प्यासे के लिए एक बूंद जल की जरूरत होती है़ । जो लोग मास्क को खूबसूरत चेहरे का धब्बा मानकर नही लगा रहे है़ उन्हे यह अच्छी तरह से समझ लेना चाहिए कि मास्क केवल कोविड 19 से बचाने का ही काम नही करता है़ बल्कि इस तपती धूप मे चेहरे को झुलसने से बचा रहा है़ डीजल और पेट्रोल से सर्वाधिक चलने वाले वाहनो से हवा मे नाइट्रोजन आक्साइड , बारीक रबर के कण और धातु के महीन छोड़ते कणो से बचा रहा है़ लू के साथ उड़ रहे प्रदूषित धूल के कणो से बचा रहा है़ आधुनिक विकास के उन आविष्कारो के नियमित उपयोग करने से हो रहे वायु प्रदूषण से बचा रहा है़ जो हवाओ मे व्याप्त होकर सांस के रास्ते गले मे खरास से लेकर जीवन स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले फेफड़े के रोगी हो जाते है़ । यह मास्क आज लोगो को भले ही कोविड 19 से बचाव के क्रम मे इजात हुआ लगता है़ लेकिन इसका इतिहास और इसकी महत्ता नरसंहार करने वाली ब्लैक डेथ फ्लेग जैसे महामारियो मे इतिहास की निगाह से देखा गया है़ जब 14 वी सदी मे सबसे पहले यूरोप मे फैला था जिसमे 250 लाख लोगो की मौत हो गयी थी तब खासकर मेडिकल मास्क का इस्तेमाल करने लगे थे जानकारो की माने तो तब के मास्क प्रयोग मे खुशबूदार जड़ीबूटियो का भी प्रयोग होता था । जानकारो के मुताबिक लंदन मे मास्क का प्रयोग 500 वर्ष मे कई बार किया गया है़ और भी इसके जीवनदायिनी महत्व रहे है़ जो इतिहास के पन्नो मे ढूढ़ने से मिल जायेगे । लिहाजा मास्क का प्रयोग बहु लाभकारी है़ इसे लगाने से न चूके ।

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