एक जनप्रतिनिधि सुव्यवस्था देने से दूर दूसरे भावी अव्यवस्था दूर करने मे लगे !
एक जनप्रतिनिधि सुव्यवस्था देने से दूर दूसरे भावी अव्यवस्था दूर करने मे लगे !
॥ चला बुलडोजर खुली नालियां हटा पानी ॥
सन्त कबीर नगर - इसे विडम्बना कहा जाय या कुछ और विकास का वादे के साथ निर्वाचित हुए जन प्रतिनिधि जहां सुव्यवस्था देने मे नाकाम साबित हो रहे है़ वही भावी प्रतिनिधित्व के सिपाही अव्यवस्था दूर करने मे लगे है़ । ऐसे मे सवाल उठता है़ कि निर्वाचित हुए जनप्रतिनिधि के विकास के वादे मे कोई खोट था या निर्वाचित करने वाले मतदाताओ के वोटिंग मे कोई दोष था ? सवाल यह भी उठता है़ पढ़कर लिखकर डिग्री लेकर घूमने वाले और सरकार को कोसने वाले , नौकरी मिल जाने पर अपनी जिम्मेदारी को क्यो भूल जाते है़ ?
उल्लेखनीय है़ कि जनपद मुख्यालय शहर खलीलाबाद बरसात के पानी से प्रभावित हो गया , शहर मे दो चार फीट पानी लग गया । शहर की मुख्य सड़के जलमग्न होकर बाढ़ की नदी जैसी हो गयी । दुकानो - मकानो मे पानी घुस गया आर्थिक क्षति के साथ दो वक्त की रोटी खाना मुश्किल हो गया । बीमारी का डर सताने लगा , आवागमन रोजी - रोजगार प्रभावित हो गया । आपातकालीन जैसी स्थिति हो गयी । लोगो की जिन्दगी बेहाल हो गयी , व्यवस्था को लेकर होहल्ला मचने लगा । बावजूद न तो कोई जन प्रतिनिधि आगे आया और न ही समाजसेवियो से भरे जनपद का कोई तबका नजर आया और तो और विपक्ष की भूमिका निभाने वाले वे लोग भी नजर नही आये जो सत्तासीन पार्टी का तनिक सा किसी भूल चूक को तिल का पहाड़ बना देते है़ । बहरहाल जिला प्रशासन आगे आया और जिम्मेदार तबका नगरपालिका अधिशासी अधिकारी से लेकर अन्य को तलब कर शीघ्रातिशीघ्र ब्लाकेज नालियो आदि को खुलवाकर , साफ सफाई करवा जल निकासी का सख्त निर्देश दिया गया । हालांकि प्रशासन की यह सख्ती पूर्व दिनो मे उपजी उस जलजमाव समस्या निस्तारण जैसी थी जिसे " जिन्हे अपनी जिम्मेदारी का ख्याल नही उन्हे आदेशो की कब फिकर होने लगी " का प्रयास फल देखा गया था । लिहाजा इस बार ऐसा नही हुआ प्रशासन की सख्ती के आगे जिम्मेदार तबका को अपनी जिम्मेदारी का भान ही नही हुआ अपितु क्रियांवयन का रूप देकर पटल पर खरा उतरना पड़ गया ।