प्रशासन से कैसे जुड़े जनता बी एस एन एल का सोयूजी नेटवर्किग नही करता काम
प्रशासन से कैसे जुड़े जनता बीएसएनएल का सीयूजी नेटवर्किग नही करता काम
॥ सीयूजी नम्बर कर रहा है़ वर्षो से टावर का इंतजार ॥
सन्त कबीर नगर - सरकार की मंशा होती है़ कि प्रशासन से आम जनता सीधे जुड़े और जरूरत के वक्त - बेवक्त अपनी बात प्रशासन को पहुंचाये । लेकिन यह मंशा मात्र साबित हो रहा है़ सरकार द्वारा भारत संचार निगम लिमिटेड ( बी एस एन एल ) का क्लोज्ड यूजर ग्रुप ( सीयूजी ) उपलब्ध मोबाइल नम्बर बेमतलब साबित हो रहा है़ बी एस एन एल की नेटवर्किग सेवा किसी काम का नही है़ एक तरफ जहां नेटवर्क दिन का दिन गायब रहता है़ तो वही दूसरी तरफ ऊहापोह का नेटवर्क ऊंट के मुंह मे जीरा साबित हो रहा है़ । न आम जनता शुद्ध रूप अपनी बात कह पा रही है़ और न ही अधिकारी गण बेहतर ढंग से दुःख दर्द की बात सुन पा रहे है । नतीजतन " जो हाल मोरी वो हाल तोरी " ।
बताते चले कि आम जनमानस के दुःख दर्द को दूर करने व लाभकारी विकासशील योजनाओ का लाभ पहुंचाकर विकास की मुख्यधारा मे जोड़ने का काम जनपद मे बहुतायत हुए और हो रहे है़ अभी हालिया मे ही सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा जनपद को 245 करोड़ का सौगात दिया गया है़ इसके पूर्व भी दिये जा चुके है़ लेकिन इसे प्रशासन का दुर्भाग्य कहा जाय कि आम लोगो की बदनसीबी कहा जाय । अधिकारियो से सीधे जोड़ने का माद्दा रखने वाला भारतीय संचार निगम लिमिटेड ( बी एस एन एल ) का मुख्यालय को एक टावर भी नसीब नही हुआ । देर - सबेर अगर हुआ भी तो त्रिशंकु की तरह अधर मे लटक गया है़ । इस सम्बन्ध मे पूछे जाने पर बी एस एन एल एसडीओ मनोज कुमार यादव ने बताया कि कलेक्ट्रेट के लिए 2017 मे स्वीकृत टावर बनकर तैयार है़ बी टी एस का काम होना बाकी है़ जिसमे अनुमानतः दस लाख का खर्च आना है़ जैसे ही बी टी एस का कार्य हो जायेगा नेटवर्किग मे कोई दिक्कत होने नही पायेगी । बी टी एस का काम कब - तक होगा के उत्तर मे एसडीओ मनोज कुमार यादव ने बताया कि स्पष्ट तौर पर अभी कोई निश्चित समय बताया नही जा सकता है़ फाइनेंशियल स्थिति ठीक नही है़ । शीघ्रातिशीघ्र कार्य होने के सवाल के उत्तर मे एसडीओ ने कहा कि शीघ्र कार्य सी जे एम ( चीफ जनरल मैनेजर ) लखनऊ अथवा सांसद के पहल से कार्य निश्चित अवधि मे जल्दी हो सकता है़ ।
गौरतलब है़ कि प्रशासन से सीधे जुड़कर वक्त बेवक्त अपने दुःख दर्द आदि से समय के रहते बतौर राहत समाधान प्राप्ति हेतु सरकार द्वारा दूरसंचार के क्षेत्र मे भारत सरकार का लोगो मे विश्वास बढ़ाने वाला देश की " मिनी - रत्ना " दर्जा प्राप्त सबसे पहली व सबसे बड़ी कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड का जनपद के सक्षम अधिकारियो को सीयूजी नम्बर उपलब्ध तो कराया गया लेकिन उसके बेहतर नेटवर्किग बाबत जनपद मुख्यालय को टावर उपलब्ध नही कराया गया । नतीजतन खामियाजा प्रशासन के लोग व जनमानस भुगत रहे है़ ।