सद्गुरु कबीर भोजन सेवा दे रहा सद्भावना का सन्देश - महंत विचार दास
॥ सेवा ही धर्म ॥ सद्गुरु कबीर भोजन सेवा दे रहा सद्भावना का सन्देश - महंत विचार दास
भण्डारे मे कोई कमी नही आने पायेगी - अब्दुल्लाह खान
सन्त कबीर नगर ( मगहर ) हर वर्ष की भाति इस वर्ष भी मकर सक्रांति ( खिचड़ी ) के अवसर पर प्रदेश के कई जिलो सहित देश के कई प्रान्तो से आकर श्रद्धालुओ , भक्तजनो द्वारा कबीर चौरा स्थित मंदिर और मस्जिद पर माथा टेका गया | इस अवसर पर श्रद्धालु भक्तजनो द्वारा खिचड़ी चढ़ाया गया एवं सद्गुरु कबीर भोजन का प्रसाद ग्रहण किया गया | इस अवसर मिडिया से मुखातिब होते हुए पीठाधीश्वर महंत विचार दास ने कहा कि सद्गुरु कबीर भोजन सेवा मे जन सहयोग बहुत अच्छा हो रहा है धर्म कर्म मे लोग बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे है | जो कबीर साहेब के " भूखे को भोजन नंगे को चीर " उपदेश को लोगो द्वारा अनुसरण किया जा रहा है | आटा गुथने वाली मशीन व रोटी बनाने वाली मशीन की व्यवस्था करायी गयी है | जिससे एक घंटे मे लगभग 450 रोटी तैयार होगी | सुव्यवस्थित रुप से टीन शेड का भी निर्माण कार्य हुआ है | वही दूरभाष द्वारा निदेशक अब्दुल्लाह खान ने मकर संक्रांति का हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह पर्व आपसी भाईचारे को बढ़ावा देता है | वही भोजन व्यवस्था को लेकर कहा कि भण्डारे मे कोई कमी होने नही पायेगी । यह हम लोगो का सौभाग्य है जो महाराज जी के सान्निध्य मे सेवा का अवसर मिल रहा है | सद्गुरु कबीर भोजन सेवा मे अवसर मिलना बडे़ सौभाग्य की बात है ऐसी ही सेवा करने से जीवन सफल होता है यह जीवन को उचाईया देने वाला श्रद्धा , निष्ठा , विश्वास का कार्य है ।
उन्होंने कहा कि महाराज जी के दिशा - निर्देश मे भोजन सेवा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया रहा है |
जिसे आगे के दिनो मे और विस्तार किया जायेगा | यह श्रद्धा विश्वास और सेवा का कार्य है । सद्गुरु कबीर साहब के दिये " भूखे को भोजन नंगे को चीर " उपदेश को हर इन्सान को ग्रहण करना चाहिए यह प्रेम का सूचक है इसी के अनुसरण से एकता भाईचारे का सपना साकार होगा यही वह उपदेश है जिससे मानव समाज मे सद्भावना का संचार होगा ।