पीत की ढीठ पत्रकारिता के भेट चढ़ा खिचड़ी मेला !

पीत की ढीठ पत्रकारिता के भेंट चढ़ा खिचड़ी मेला !


सन्त कबीर नगर ( मगहर ) मानव कुल मे भगवान कितना भी अवतार ले ले और मानव जीवन धरकर कष्टो का जीवन बिताते हुए कही धर्म की रक्षा के लिए तो कही वैमनस्यता मिटाने के लिए तो कही अंहिसा को कायम करने के लिए तो कही सत्य को स्थापित करने के लिए जैसे अनेको जन्म लेते रहे , पर मानव जीवन का श्रेष्ठता का राग अलापने वाले लोग ऐसे भी मोड़ पर अपनी श्रेष्ठता नही बचा पा रहे है जहां इंसानियत की सोच ही नही नैतिक जिम्मेदारिया भी ये पुकार करते रहती है कि किसी का निवाला छीनना अपराध ही नही महापाप है । जिसका उदाहरण देश का चौथा स्तम्भ का चादर ओढ़ने वाले निष्पक्ष पत्रकारो ने दिया है । कबीर मठ खिचड़ी मेले मे रोजी रोटी कमाने आये दूर दराज के दुकानदारो आदि से बतौर पीत ढीठ पत्रकारिता निश्चित राशि प्राप्ति के अभाव मे हटवाने का काम किया गया है ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन से परमिशन होने के बावजूद कुछ मीडिया कर्मियो द्वारा मेले को इसलिए बंद करवा दिया गया क्यो कि उनके मुताबिक दुकानदारो इत्यादि लोगो ने रुपया देने से इन्कार कर दिया था । 
उल्लेखनीय है कि सूफी सन्त कबीर दास महानिर्वाण स्थली मगहर मे खिचड़ी मेले का आयोजन हुआ था जो लगभग एक हफ्ता चलने वाला था । लोग खिचड़ी मेला को देखते हुए एक तरफ जहां अपनी जरूरत की चीजे खरीद रहे थे वही दूसरी तरफ प्रभावित रोजी रोजगार की भरपाई करते हुए दूर दराज से आये दुकानदार इत्यादि चार पैसे की कमाई कर रहे थे ।
लेकिन हाय रे पीत पत्रकारिता ! तूने बतौर कूटनीति रोजी रोटी छीनने का काम कर दिया । जो लोग मेहनत करके अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने मे लगे हो वो भला किस बात के लिए मीडिया कर्मियो को उनके मुताबिक धन राशि देते ?
बहरहाल " हानि लाभ जीवन मरण यश अपयश विधि हाथ " होइहै सोई जो राम रचि राखा .." का अनुसरण कर धैर्य रखते दुकानदारो आदि लोगो ने अपने अपने दुकानो इत्यादि को समेटते हुए अपने घरो शहरो को चल दिये ।

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

।। लकी ड्रा ।। रिलेक्सो के सैकड़ों बने विजेता

स्वस्थ होकर लौटी जिला कोआर्डिनेटर ने किया कार्यभार ग्रहण

खड़ंजे पर हुआ चकरोड मिट्टी कार्य !