पंचायती राज निदेशक के आदेश पर भी नही हुआ अनियमितता के शिकायत का अभी तक जांच
पंचायती राज निदेशक के आदेश पर भी नही हुआ अनियमितता के शिकायत का अभी तक जांच
अन्यथा की दशा मे लोकायुक्त मे परिवाद होगा प्रस्तुत = सलीम उमर
सन्त कबीर नगर = 1.1.2021 से 31.5.2021 के प्रशासक काल मे बड़े पैमाने राज्य वित्त एवं पंद्रहवे वित्त मे की गई अनियमितता की शिकायत को लेकर शिकायतकर्ता सलीम उमर जांच की अन्यथा मे लोकायुक्त जाने की बात कही है । मुख्य विकास अधिकारी को दिये गये प्रार्थना पत्र मे लिखा है कि विगत 22 जून 2021 के पंचायती राज निदेशक द्वारा दिये गये आदेश के बावजूद फर्जी भुगतान मामले की जांच अब तक नही की गई । अगर मामले को संज्ञान मे लेकर उचित कार्यवाही नही होती है तो मजबूरन लोकायुक्त मे परिवाद प्रस्तुत किया जायेगा ।
उल्लेखनीय है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान ग्राम पंचायतो के विकास कार्यों की गंभीरता को लेते हुए सहायक विकास अधिकारी को प्रशासक बनाया गया था । दौरान बतौर आरोप सलीम उमर के मुताबिक ग्राम पंचायत दुधारा , बस्ती बस्ता , विगरामीर , करही , सालेहपुर , अहिरौली द्वितीय , सफियाबाद , सेमरियावा , उसरा शहीद , बुढ़ाननगर , चंगेरा मंगेरा आदि ग्राम पंचायतो मे हैण्ड पम्प मरम्मत , स्ट्रीट लाइट , नाली , इंटरलाकिंग , स्कूल मरम्मत के नाम पर प्रशासक सहायक विकास अधिकारी एवं सेक्रेटरी के संयुक्त डोगल लगाकर फर्जी भुगतान करा लिया गया था । कुछ विशेष फार्मों से 30 से 40 प्रतिशत कमीशन पर भुगतान करा लिया गया था । जिसकी शिकायत सलीम उमर द्वारा जिला प्रशासन से लेकर पंचायती राज निदेशक उत्तर प्रदेश शासन से किया गया था । जिसकी संज्ञानता के क्रम मे पंचायती राज निदेशक द्वारा मुख्य विकास अधिकारी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी । लेकिन 10 माह बीत जाने पर भी कोई जांच नही हुई । यही नही जिला पंचायत राज अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद दिये गये ए डी ओ पंचायत शशि भूषण पाण्डेय सहित ग्राम पंचायत सचिव अश्वनी सिंह , शिव मूरत मौर्य , आनंद , योगेन्द्र गौड़ , शिवेन्द्र कुमार , विमला यादव व असादुल्लाह को प्रशासक के कार्यकाल मे कराये गये कार्यों एवं भुगतान से संबंधित समस्त अभिलेखो के पांच दिवस भीतर उपलब्ध कराने के आदेश कोई असर होता दिखाई नही दे रहा है । जनवरी 2022 मे दिया गया आदेश का अभी तक कोई अनुपालन नही हुआ है ।