जिले के विकास का रोड़ा बना अतिरिक्त प्रभार !
जिले के विकास का रोड़ा बना अतिरिक्त प्रभार !
सन्त कबीर नगर = वैसे तो जिम्मेदारी के मायने मे विभिन्न पदो का सृजन और दायित्व बहुत मायने रखता है इससे जहां एक तरफ कार्यों की पारदर्शिता के साथ समयानुसार कार्य हो जाते है वही दूसरी तरफ दायित्व निर्वहन की कड़ी मे आत्मनिर्भरता और विश्वास को बल मिलता है , यही नही सम्बन्धित अधिकारी दायित्व मामले मे होने वाली शिकायतो का समयानुसार निस्तारण हो जाता है जिससे आम जनमानस मे सुशासन का विश्वास मजबूत होता है । लेकिन इसे शासन की कोई मजबूरी कहा जाय या जनपद का दुर्भाग्य कहा जाय । जनपद के विकास के दो महत्वपूर्ण पद परियोजना निदेशक डीआरडीए और उपायुक्त श्रम रोजगार ( मनरेगा ) का पद खाली चल रहा है ।
बताते चले कि विगत 30 अप्रैल 2022 मे डी सी मनरेगा उमाकांत त्रिपाठी अपने सेवाकाल को पूर्ण करते हुए सेवानिवृत हो गये वही अन्य प्रभार की जिम्मेदारी का निर्वहन करने वाले डीआरडीए परियोजना निदेशक ( पी डी ) दुर्गादत्त शुक्ला 31 जनवरी 2022 को सेवानिवृत हो गये । जिससे दोनो पद " पांच महीने से परियोजना निदेशक डीआरडीए एवं दो महीने से " उपायुक्त श्रम रोजगार ( मनरेगा ) का पद खाली चल रहा है । हालांकि बतौर प्रभार दोनो पदो की जिम्मेदारी जिला विकास अधिकारी ( डीडीओ ) सुदामा प्रसाद द्वारा देखा जा रहा है । लेकिन कार्य की जिम्मेदारी की दृष्टि से देखा जाय तो कही न कही पद जिम्मेदारी प्रभावित हो रहा है ।