देश के भविष्य बच्चो का जीवन खतरे मे !
देश के भविष्य बच्चो का जीवन खतरे मे
सुव्यवस्था की जिम्मेदारी पर कितना गौर ?
सन्त कबीर नगर = बेशक आज का विकासशील दौर हमारी काबिलियतो का स्वरूप बनकर विकास के पथ का निरन्तर सृजन कर रहा है और सुव्यवस्थाओ के बीच समय की कीमत मे सुरक्षित आवागमन मे चौड़ीकरण सड़क , फ्लाई ओवर का निर्माण कर रहा है चकरोड से खड़ंजा , खड़ंजा से आर सी सी , आर सी सी से इण्टरलॉकिंग का उत्तरोत्तर विकास पथ संवार रहा है । लेकिन जिम्मेदारी के बूते का वही स्वरूप कही न कही उस कहावत को चरितार्थ होने का अवसर प्रदान कर रहा है जिसे " दीप तले अंधेरा " कहा जाता है ।
उल्लेखनीय है कि शिक्षा खण्ड बेलहर कला के कंपोजिट विद्यालय ( प्राथमिक / पूर्व माध्यमिक विद्यालय ) लंगड़ाबार जाने का रास्ता इतना खतरनाक है कि जीवन से हाथ धोना पड़ सकता है । विद्यालय जाने वाले मुख्य मार्ग मे विद्युत ट्रांसफारमर लगा हुआ है । उसके बीच से ( संख्या 495 ) " बच्चो तुम तकदीर हो कल के हिंदुस्तान की , बापू के वरदान की नेहरू के अरमान की " को जाना पड़ता है लेकिन इस जानलेवा समस्या निदान का ख्याल तक किसी जिम्मेदार के जेहन मे अभी तक होता नजर नही आया है । प्रधानाध्यापक की माने तो उनके द्वारा दिये गये समस्या निदान प्रार्थना पत्र पर भी किसी जिम्मेदार द्वारा कोई गौर नही किया गया ।