।। बारिश ।। खुशियां तो नसीब ही देती है

।। बारिश ।। खुशियां तो नसीब ही देती है


राहत की सांस मे किसान 


सन्त कबीर नगर = अपनापन का कोई लाख दावा करे पर खुशियां नसीब ही देती है । सूखे की चपेट मे आये किसानो के साथ उसके नसीब के सिवा कोई खड़ा हुआ दिखाई नही दिया । किसान हित की बात करने वाली सरकारो की क्या कहे वर्षो से सिंचाई की शगूफे छोड़ने वाली सरजू नहरो का कमाल नही हो सका । लिहाजा एक बार फिर साबित हो गया कि अपनापन का कोई लाख दावा करे पर उसका साथ उसका नसीब ही देता है ।
बता दे कि किसानो के हित की चिंता करने वाली सरकारे बड़े बड़े दावे करते रहती है । लेकिन सूखे की चपेट मे आये किसानो की कोई सुधि नही ली गई सिवाय फसल बीमा योजना के दलील के । जबकि देखा जाय तो हर वर्ष नहरो की साफ सफाई और खुदाई मे करोड़ो रूपयो के बजट का वारा न्यारा होता है ।

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