मील का पत्थर साबित हो रहा है 100 दिन का रोजगार !
मील का पत्थर साबित हो रहा है 100 दिन का रोजगार !
पर्यवेक्षक द्वारा नही लिया गया बैठक का जायजा
सन्त कबीर नगर = शहरो का पलायन रोकने के क्रम मे गांव पर ही रोजगार मुहैया कराने की मंशा मे मनरेगा योजना से 100 दिन का रोजगार श्रमिको के लिए मील का पत्थर साबित हो रहा है । कदाचित ग्राम पंचायत के कदाचित श्रमिको को छोड़ कर किसी मनरेगा मजदूर को 100 का दिन रोजगार मुहैया नही हो रहा है । यही नही पात्रता की श्रेणी मे पीएम आवास निर्माण मे मिलने वाला 90 दिन की मजदूरी भी कदाचित लाभार्थियो को छोड़ पूरा नही मिल रहा है ।
उल्लेखनीय है कि विकास खण्ड मेहदावल के ग्राम पंचायत खरवनिया , कुड़वा व विकास खण्ड बघौली के ग्राम पंचायत मदरहा मे हुए सोशल आडिट बैठक के मुताबिक किसी भी मनरेगा मजदूर को 100 दिन का रोजगार मुहैया नही हो पाया है । वित्तीय वर्ष 2021- 2022 मे मनरेगा के तहत ग्राम पंचायत खरवनिया मे 9 मेढ़बंधी व 1 चकरोड पटरी पटौधन वर्क मे सक्रिय मजदूरो को 1928 मानव दिवस व ग्राम पंचायत कुड़वा मे 5 मेढ़बंधी के वर्क मे 294 दिन रोजगार प्राप्त हो सका है । पात्र लाभार्थी के श्रेणी मे मिले 15 आवास लाभार्थियो को अभी तक महज " 68 , 65 , 76 , 60 ,10 , 38 , 28 , 28 , 28 , 28 , 28 , 42 , 27 , 72 दिन की मजदूरी का लाभ मिल सका है ।
इसी तरह ग्राम पंचायत मदरहा मे महज 1 चकरोड वर्क की 34272 मजदूरी खर्च मे श्रमिको को रोजगार मिल सका है । वही 90 दिन की मनरेगा मजदूरी मे 8 पीएम लाभार्थियो मे केवल 2 लाभार्थी को 90 दिन की मजदूरी मिल सकी है शेष लाभार्थियो को 71 , 74 , 58 , 73 , 59 , 58 दिन की मजदूरी मिल सकी है ।
बहरहाल सोशल आडिट बैठक सकुशल संपन्न हुई । टीमो द्वारा पारदर्शिता , सहभागिता एवं जवाबदेही की नीति अनुपालन मे उपस्थित ग्रामीणो के साथ बैठक किया गया ।
इस अवसर पर उक्त सभी ग्राम पंचायतो की सोशल आडिट बैठक मे टीए व सचिव अनुपस्थित रहे ।