।। गणतंत्र दिवस ।। आत्मनिर्भर गांव से देश बनेगा समृद्धिशाली = अबदुल्लाह खान
।। गणतंत्र दिवस ।। आत्मनिर्भर गांव से देश बनेगा समृद्धिशाली = अबदुल्लाह खान
रिलेक्सो कम्पनी का रहे हरदम नाम = कंपनी वर्कर शारदा
एक तिरंगा रिलेक्सो मे रहने दो = रुबिका
सन्त कबीर नगर ( बेलहर कला ) बरगदवा कला स्थित रिलेक्सो डोमस्वेयर कम्पनी द्वारा बड़े ही हर्षोल्लास पूर्वक 74 वा गणतंत्र दिवस मनाया गया । कम्पनी निदेशक अब्दुल्लाह खान द्वारा झंडारोहण किया गया । तदुपरांत राष्ट्रगान के साथ संविधान के प्रति निष्ठा और राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई गई । देश की आजादी के शहीदो को नमन करते हुए कम्पनी निदेशक द्वारा आजादी के संघर्षो के दिनो को याद किया गया । संविधान प्रस्तावना के अनुसार संविधान उद्देश्य मे भारत मे प्रभुतासंपन्न , लोकतंत्रात्मक , पंथ निरपेक्ष , समाजवादी गणराज्य स्थापना की व्याख्या कर संविधान के प्रति लोगो को बतौर निष्ठा जागरूक किया गया ।क्षेत्रवासियो से अपील करते हुए कम्पनी निदेशक ने कहा कि हमे समझना होगा कि गणतंत्र दिवस होता क्या है ? हम गणतंत्र दिवस को क्यो मनाते है ? अगर हम गणतंत्र दिवस को समझ जाये तो हमे ये भलीभांति ज्ञात हो जायेगा कि हमारा देश हमारा संविधान कितना पावरफुल है । इंसान को कभी संकट के समय घबराना नही चाहिए , उसे निरंतर अपने कर्तव्य पथ पर चलते रहना चाहिए । जब मै 10 साल का था तभी मेरे पिता का इंतकाल हो गया और मेरे बड़े भाई 17 साल के थे इनकम का कोई साधन नही था लेकिन हम डरे नही , निरंतर चलते रहे बिजनेस करते रहे । हम पढ़ाई के दौरान भी बिजनेस करते रहे । लेकिन एजुकेशन एक ऐसा फील्ड है कि हम अभी भी 8 -10 संस्थाओ मे ऑनलाइन पढ़ाई करके कुछ सीख रहे है । एजुकेशन किन्ही भी परिस्थितियो मे झुकने नही देता है हमारी कंपनी मे घर मे उपयोग होने वाली सारी चीजे उपलब्ध है । टूथब्रश से लेकर कीड़े मकोड़े मच्छर , कॉकरोच की दवाई उपलब्ध है अगर हमारा गांव आत्मनिर्भर हो जाए तो हमारा देश बहुत जल्द आगे बढ़ेगा । शिक्षा के क्षेत्र मे हमारे छात्र छात्राओ को कोई समस्या नही होगी । हमारी एक योजना है जिसमे होनहार छात्रो को आईएएस , आईपीएस डॉक्टर , इंजीनियर आदि की पढ़ाई करने मे पैसा बाधा उत्पन्न नही होने दिया जाएगा । जो भी खर्चा आएगा वह हम उठाएंगे और साथ ही साथ उन बच्चो को उस प्रोफेशन के बारे मे ट्रेंड किया जायेगा । जिस फील्ड पर जाना चाहे उसे उस तरह की ट्रेनिंग दी जाएगी ।
कम्पनी वर्कर आफरीन " तालीम सिखाती है , जीने का सलीका । तालीम अपने होरे बाजू मे तरक्की के आले मिशरात कायम करती है । इल्म के समुदंर मे गोते लगाती है इल्म के आलम मे ऊपर बनती है और हकीक की सुई से लेकर भारी भरकम जहाजो पर अपने नाम की ठप्पे लगवाती है और ये एलान करती है कि मेरे हाथ मे कलम है मेरे जहन मे उजाला , मुझे क्या दबा सकेगा , कोई जुल्म का कोई ताला । रोजी " अल्लाह अल्लाह कितना प्यारा , आका का दरबार है ...। रुबिका " वीरो ने परवा न की , कभी न जान की । लाल हरे रंग मे न बांटो , एक तिरंगा रिलेक्सो मे रहने दो । आरती " ऐ मेरे वतन के लोगो , जरा आंख मे भर लो पानी...। शारदा " है प्रीत जहां की रीति सदा मै गीत वहां का गाता हूं । रिलेक्सो कम्पनी का रहे हरदम नाम , कभी छूटे न ये साथ , कभी छूटे न ये काम...। अली हुसैन " बनाओ ऐसा हिन्दुस्तान.." का गीत गाकर देश भक्ति का खुशनुमा माहौल बनाया गया ।