।। मनमर्जी / भ्रष्टाचार ।। प्रखण्ड बघौली नही मानता मनरेगा योजना नियमावली !
।। मनमर्जी / भ्रष्टाचार ।। प्रखण्ड बघौली नही मानता मनरेगा योजना नियमावली !
किस मजबूरी मे अधिकारी दे रहे भ्रष्टाचार को बढ़ावा ?
सन्त कबीर नगर ( बघौली ) विकास खण्ड बघौली के अधिकारियो कर्मचारियो को मनरेगा योजना नियमावली से कोई सरोकार नही रह गया है । नियम तोड़ कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना इनकी नियत हो गई है । यही वह वजह है जिसके चलते ग्राम पंचायत मे विकास की नदिया बहाने वाले ग्राम प्रधान भी कसमे वादे को तिलांजलि देकर अपने जनहित के प्रतिनिधित्व को भूला बैठे है ।
उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत सुरदहिया , गंगौली व देवापार मे मनरेगा योजना के तहत कार्य हो रहा है । जिसमे जारी मनरेगा मजदूरो के मस्टररोल मे मनमानी का खेल खेला जा रहा है । सुरदहिया ग्राम पंचायत मे राम जतन के घर से सेवक के घर तक ह्यूमन पाइप नाली एवं इण्टरलॉकिंग कार्य के 18 ( महिला श्रमिक 9 ) मनरेगा मजदूर तथा लालसा के घर से अमीरुल्लाह के घर तक इण्टरलॉकिंग कार्य के 12 ( महिला श्रमिक 9 ) मनरेगा मजदूरो के सापेक्ष मात्र 3 श्रमिको द्वारा काम किया जा रहा है । ग्राम पंचायत गंगौली मे सी सी रोड से जुम्मन के घर तक इण्टरलांकिग के कार्य मे 9 मस्टररोल श्रमिक के सापेक्ष राम सेवक गंगौली व बाहरी श्रमिक अनिल कुमार नौवा गांव , गुड्डू , राम केवल जामडीह के द्वारा काम किया जा रहा है । ग्राम पंचायत देवापार मे बनकटिया पचपोखरी रोड पर माहनपार से देवापार गांव तक पिच रोड के दोनो तरफ पटरी पर मिट्टी कार्य मे जारी 144 मस्टररोल श्रमिक के सापेक्ष 10 लोगो द्वारा घास छिलने का काम किया जा रहा है । मेट के मुताबिक श्रमिको का हाजिरी ग्राम प्रधान के घर पर लगाया जा रहा है । उक्त किसी भी परियोजना का श्रमिको सहित फोटो कही भी लोड नही किया जा रहा है । जिससे बड़े पैमाने पर न केवल मनरेगा मद को फर्जी तरीके से लूटा जा रहा है मनरेगा योजना की पारदर्शी नियम की अवहेलना भी की जा रही है । जो कही न कही नियम अवमानना की दशा मे खण्ड विकास अधिकारियो कर्मचारियो द्वारा नियम से ऊपर होना दिखाई दे रहा है । ऐसे मे यह सवाल उठना लाजिमी है कि केन्द्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना नियमावली का मतलब क्या होता है ? सवाल यह भी उठता है कि बतौर संवैधानिक नियम अनुपालन मे कर्त्तव्य परायणता को दरकिनार क्यो किया जा रहा है ? कही किसी तरीके से नियम को तोड़ना कोई गोपनीय नियम तो जारी नही हुआ है जिसके सामने अधिकारी अपनी जिम्मेदारी तो जिम्मेदारी अपना ईमान बेच दे रहे है ।