।। भ्रष्टाचार ।। मनरेगा योजना मे चल रहा मनमानी का फंडा !

।। भ्रष्टाचार ।। मनरेगा योजना मे चल रहा मनमानी का फंडा !


मस्टररोल के मजदूरो का कुछ पता नही 


सन्त कबीर नगर ( खलीलाबाद / बघौली ) अगर पारदर्शी नियम के साथ उसके अनुपालन मे नियुक्त अधिकारी कर्मचारी के रहते राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम से ग्राम पंचायत स्तर के बेरोजगार ग्रामीणो को रोजगार मुहैया कराने के मूल उद्देश्य मे संचालित होने वाले महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम मे अनियमितता बरतने जैसे कृत्यो के साथ दायित्व को प्रभावित कर मूलभूत मानव जीवन का ईमान समापन के गाल मे समाहित होता है तो निश्चित तौर पर यह कहना कोई अतिशयोक्ति नही होनी चाहिए कि योजना के क्रियान्वयन से सम्बन्धित अधिकारी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी से सीधा पल्ला झाड़ कर अनियमितता एवं भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे है । वरना किसी अन्य की क्या बिसात जो नियम की अवहेलना करके अनियमितता एवं भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे सके ।
बहरहाल जनपद के विकास खण्ड बघौली के ग्राम पंचायत सुरदहिया ग्राम पंचायत मे राम जतन के घर से सेवक के घर तक ह्यूमन पाइप नाली एवं इण्टरलॉकिंग कार्य के 18 ( महिला श्रमिक 9 ) मनरेगा मजदूर तथा लालसा के घर से अमीरुल्लाह के घर तक इण्टरलॉकिंग कार्य के 12 ( महिला श्रमिक 9 ) मनरेगा मजदूरो के सापेक्ष मात्र 3 श्रमिको द्वारा काम किये जाने का मामला प्रकाश के साथ ग्राम पंचायत गंगौली मे सी सी रोड से जुम्मन के घर तक इण्टरलांकिग के कार्य मे 9 मस्टररोल श्रमिक के सापेक्ष राम सेवक गंगौली व बाहरी श्रमिक अनिल कुमार नौवा गांव , गुड्डू , राम केवल जामडीह के द्वारा काम किये जाने सहित ग्राम पंचायत देवापार मे बनकटिया पचपोखरी रोड पर माहनपार से देवापार गांव तक पिच रोड के दोनो तरफ पटरी पर मिट्टी कार्य मे जारी 144 मस्टररोल श्रमिक के सापेक्ष 10 लोगो द्वारा घास छिलने के काम के साथ विकास खण्ड खलीलाबाद के ग्राम पंचायत आजमपुर जहां मस्टररोल के मुताबिक 4 परियोजना के 34 मनरेगा मजदूरो के सापेक्ष एक भी मनरेगा मजदूर काम नही कर रहे है । जो मजदूर मौके पर कार्य करते पाये गये वे परियोजना से इतर नाली निर्माण के रहे है जिसकी अभी स्वीकृति ही नही हुई है । बहरहाल उक्त सभी 4 परियोजनाओ का मस्टररोल जारी करने की जिम्मेदारी निबाहने वाले परियोजनाओ के क्रियान्वयन के जिम्मेदार प्रखण्ड अधिकारी इस सम्बंधित सवाल के जवाब मे खण्ड विकास अधिकारी विनोद मणि त्रिपाठी द्वारा मौके की जांच कर दोषियो के खिलाफ कार्यवाई करने की बात कही जा रही है । वही इससे पूर्व प्रभारी डीसी मनरेगा जिशान रिजवी द्वारा प्रकरण की संज्ञानता मे जांच कर कार्यवाई की बात कही जा चुकी है ।
अब देखना ये है कि उक्त सभी परियोजनाओ मे भ्रष्टाचार को प्राथमिकता के तौर पर तवज्जो देने वालो के खिलाफ सक्षम अधिकारी मनरेगा योजना नियमावली के मुताबिक कार्यवाई करते है या फिर कथित बयानबाजी के कयास मे मामले को ठंडे बस्ते मे डाल देते है ।

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