।। उदासीनता ।। सोशल आडिट टीम को अभिलेख उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी से बीडीओ ने झाड़ा पल्ला !
।। उदासीनता ।। सोशल आडिट टीम को अभिलेख उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी से बीडीओ ने झाड़ा पल्ला !
सन्त कबीर नगर { मेहदावल } विकास खण्ड मेहदावल मे चल रहे सोशल आडिट की जिम्मेदारी से खण्ड विकास अधिकारी कही न कही पल्ला झाड़ते नजर आ रहे है ।
वित्तीय विचलन और सचिव एवं टीए की अनुपस्थिति के सवाल पर बीडीओ सुरेश कुमार मौर्य ने कहा कि हमे इसकी कोई जानकारी नही है और न ही अभिलेख एवं सचिव , टी ए की अनुपस्थिति विषयक कोई बात कही जा रही है । उक्त प्रकरण की जानकारी मे खण्ड विकास अधिकारी के उदासीनता का आलम इतना रहा कि अक्सर मीडिया के सवाल के जवाब मे दिये जाने वाले मामले मे संज्ञानता की बात कहकर मामले को देखने वाली बात भी नागवार गुजर गई । उन्होने कहा कि मीडिया के बात को हम किस आधार पर सही माने , अभिलेख उपलब्ध कराने से लेकर टीए , सचिव की अनुपस्थिति को लेकर ब्लाक कोआर्डिनेटर व सोशल आडिट टीम द्वारा हमसे कोई बात ही नही कही जा रही है ।
उल्लेखनीय है कि विकास खण्ड के ग्राम पंचायत जोरवा एवं जमोहरा मे वित्तीय विचलन मे सोशल आडिट का आयोजन हुआ । दरम्यान न टी ए उपस्थित रहे और न ही सचिव उपस्थित रहे , और तो और पर्यवेक्षक अधिकारी का भी कही दौरा नही हुआ ।
जोरवा टीम बीआरपी सत्यभामा द्वारा बताया गया कि मनरेगा मेट कतारू प्रसाद की अध्यक्षता मे वित्तीय वर्ष 2022 - 2023 मे कुल 5 लाख 7 हजार 853 रूपये की व्यय राशि मे 11 परियोजनाओ का एमआईएस रिपोर्ट के आधार पर आडिट किया जा रहा है । जिसमे 3 चकरोड , 1 गड़ही की खुदाई , 2 वृक्षारोपण व 5 मेढ़बंधी है । सक्रिय मनरेगा मजदूरो मे कुल 2341 मानव दिवस का सृजन हो पाया है । जो मनरेगा गाइड लाइन का उल्लघंन है । एक वर्ष से कार्यरत रोजगार सेवक नीलम पाण्डेय द्वारा बताया गया कि अभी तक उन्हे अधिकार क्षेत्र का सेवन रजिस्टर उपलब्ध नही कराया गया है ।
इसी क्रम मे ग्राम पंचायत जमोहरा सोशल आडिट कोआर्डिनेटर अमृतबाला द्वारा बताया गया कि रुदल यादव की अध्यक्षता मे वित्तीय विचलन मे एमआईएस रिपोर्ट के आधार पर 38 लाख 6 हजार 894 रूपये की व्यय राशि मे 34 परियोजनाओ का आडिट किया जा रहा है । जिसमे प्राथमिक विद्यालय का बाउंड्रीवाल , पंचायत भवन , 500 मीटर का 1 इण्टरलांकिग व मेढ़बंधी एवं चकरोड पटौधन है । सोशल आडिट के बहुउद्देशीय " पारदर्शिता , सहभागिता एवं जवाबदेही के सुनिश्चितार्थ कोई फीड बैक सामने नही आया । जिससे सोशल आडिट की विश्वसनीयता औपचारिकता मात्र बनकर होती दिखाई दे रही है ।