।। भ्रष्टाचार ।। पीएम आवास लाभार्थियो से लिया गया 40 - 40 हजार रूपया निर्माण कार्य शून्य
।। भ्रष्टाचार ।। पीएम आवास लाभार्थियो से लिया गया 40 - 40 हजार रुपया निर्माण कार्य शून्य
होगी कार्यवाही या फिर सत्य साबित होगी कमीशन की बात ?
सन्त कबीर नगर { नाथनगर } सरकार की मंशा जहां विकासशील लाभकारी योजनाओ के बूते देश को देशवासियो को विकास से परिपूर्ण कर समृद्धिशाली बनाने की होती है वही शिक्षित व्यक्तियो द्वारा शिक्षा के माध्यम से कुल खानदान को सामाजिक प्रतिष्ठा से नवाजने के हर संभव कोशिश के साथ कुलीन परिवार बनाने की होती है । लेकिन यह सब एक बानगी बनकर होता दिखाई दे रहा है । ग्राम प्रधान फुलारी देवी पत्नि भीखा ( रिटायर प्राइमरी टीचर ) के छत्र साया मे पुत्रो द्वारा पीएम आवास लाभार्थियो से आवास दिलाने के नाम पर अधिकारियो की मेहरबानी के क्रम सेवा मे 40 हजार रुपया वसूलने का मामला प्रकाश मे आया है । बेहतर प्रतिनिधित्व के बजाय ग्राम प्रधान के पुत्र महिप व संजय द्वारा पीएम आवास लाभार्थियो से पर कतरने की दृष्टि मे मिले आवास की 40 हजार रुपये की पहली टोटल किश्त अधिकारियो को बतौर मेहरबानी मैनेज के नाम पर ले लिया गया है । जिसके नतीजतन नीव स्तर पर एक ईट भी लाभार्थी नही रख सके है ।
कमीशन मेहरबानी का सिलसिला बन्द नही हुआ बल्कि चार कदम और आगे बढ़कर निर्माण कार्य के क्रमानुसार के बगैर तीन किश्तो का लाभ उठाने वाली अपात्र रिटायर लालमैन की बहु का आवास निर्माण कार्य शून्य पाया गया । इसी क्रम मे रीता पत्नि अशोक का तीनो किश्त के पूर्ण भुगतान मे आवास निर्माण कार्य शून्य पाया गया । तीनो किश्तो का भुगतान पाने वाली कमलावती द्वारा आवास के बजाय जीना का निर्माण कार्य करवाया पाया गया ।
उल्लेखनीय है कि प्रखण्ड के ग्राम पंचायत मुड़ियारी मे वित्तीय वर्ष 2022 - 2023 की कुल 14 लाख 73 हजार 533 की व्यय राशि मे पंजीकृत 694 श्रमिको के सापेक्ष 300 मनरेगा मजदूरो मे 6917 मानव दिवस का सृजन करते हुए 19 परियोजनाओ पर कार्य हुआ । जिसका आडिट करते हुए कोआर्डिनेटर देवेन्द्र त्रिपाठी द्वारा ग्रामीणो को प्रति परियोजनाओ के क्रियान्वयन मे बतौर पारदर्शिता , सहभागिता एवं जवाबदेही मे जागरूक किया गया । दौरान 13 पीएम आवास लाभार्थियो से आवास दिलाने की मेहरबानी मे अधिकारियो के नाम पर रुपया लेने का मामला लाभार्थियो द्वारा लिखित प्रार्थना पत्र देकर खुलासा किया गया । सोशल आडिट टीम को दिये गये प्रार्थना पत्र मे लाभार्थिनी कमलावती पत्नि अन्तलाल , रंजू देवी पत्नि विजय कुमार , इन्द्र कला पुत्री इंद्रावती , मंजू पत्नि गंगा प्रसाद ने लिखा है कि 40 हजार रुपया प्रधान पुत्र महीप व संजय द्वारा लिया गया । जिसके कारण आवास का निर्माण कार्य नही हो सका । इसके अलावा भी छप्पर के घर मे रहने वाली लाभार्थिनो द्वारा सोशल आडिट बैठक मे ग्राम प्रधान के पुत्रो द्वारा 40 - 40 हजार रूपया अधिकारियो को देने के नाम लेने की बात कही गई ।
दौरान सुनीता देवी पत्नि धर्मेन्द्र , राम सहाय पुत्र राम किशुन व दिव्यांग विजम देवी पत्नि हरिलाल द्वारा आवास की मांग की गई ।
बहरहाल योजना के शत - प्रतिशत क्रियान्वयन मे सक्षम अधिकारियो द्वारा विधिक कार्यवाही के साथ पात्र - अपात्र का पहचान कर छत देने का काम किया जायेगा या फिर कमीशन के आरोप को सत्य साबित करने की अंदरूनी दशा मे मामले को ठंडे बस्ते मे डाल कर धांधलेबाजी को बल दिया जायेगा ।
क्यो कि इसमे दो राय नही है कि आवास निर्माण कार्य की शून्य दशा मे तीनो किश्तो के भुगतान मे कमीशनबाजी का खेल सम्बन्धितो द्वारा नही खेला गया है । निश्चित रूप से और निडरता पूर्वक खेला गया है । वरना शून्य की दशा मे तीनो किश्तो का भुगतान किसी भी दशा मे नही हो सकता है ।
अलबत्ता बैठक की अध्यक्षता ग्रामीण राम कृष्ण यादव द्वारा किया गया ।