भक्ति का स्वरूप शरणागति है = रविन्द्र द्विवेदी
भक्ति का स्वरूप शरणागति है = रविन्द्र द्विवेदी
सन्त कबीर नगर { दुधारा } ग्राम पंचायत सुम्हा मे 26 अक्तूबर से आयोजित नौ दिवसीय श्री मद्भागवत कथा के आयोजक सपत्नीक { निशा दुबे } रविन्द्र द्विवेदी ने कहा कि भक्ति का स्वरूप शरणागति है जो श्री मद्भागवत कथा के श्रवण से प्राप्त होता है । उन्होंने कहा कि जब उस ईश्वर की अहैतुकी कृपा होती है तब श्री मद्भागवत कथा का श्रवण का अवसर प्राप्त होता है । वह सभी मानव जीवन भक्ति स्वरूपा श्री मद्भागवत कथा के श्रवण का आहोभागी है जो कथा का श्रवण ईश्वर के भक्ति स्वरूप मे करते है । बतौर कथा श्रवण अनुरोध श्री द्विवेदी ने कहा कि शरणागति स्वरूपा कथा श्रवण के अवसर लाभ से कभी किसी को चूकना नही चाहिए । यह मानव जीवन का वह शुभ घड़ी अवसर है जो मानव जीवन के मूल उद्देश्य को फलीभूत करता है ।
श्री मद्भागवत कथा का आयोजन कथा वाचक डां गिरीश त्रिपाठी के पांडित्य मे किया जायेगा । कथा का आयोजन 26 अक्तूबर से 3 नवम्बर तक किया जायेगा ।