पांच अपूर्ण आवास के बीच औपचारिक रूप से रमवापुर सरकारी मे हुआ आडिट

पांच अपूर्ण आवास के बीच औपचारिक रूप से रमवापुर सरकारी मे हुआ आडिट


टीए , सचिव , ग्राम प्रधान रहे अनुपस्थित पर्यवेक्षक का कुछ पता नही 


सन्त कबीर नगर { सांथा } सक्षम अधिकारियो के बीच वित्तीय विचलन मे सोशल आडिट का होना जैसे एक ध्येय हो गया है न सोशल आडिट टीम सामाजिक अंकेक्षण के मूल उद्देश्य मे न अपनी जिम्मेदारी समझ रहे हैं और न ही देश की समृद्धि मे मनरेगा परियोजना को वित्तीय अनियमितता / भ्रष्टाचार से दूर करने की नैतिक जिम्मेवारी का निर्वहन कर रहे है । और तो और परियोजनाओ के शत - प्रतिशत क्रियान्वयन मे सचिव , टीए एवं ग्राम प्रधान अपनी ही जिम्मेदारी पर यकीन से दूरी बनाते हुए ऐसे कोसो दूर खड़े नजर आ रहे है जैसे ये अपनी जिम्मेदारी को भ्रष्टाचार के हवाले करके गांव के विकास के सबसे बड़ा रोड़ा बन गये है । सच्चाई की दृष्टि से अगर देखा जाय तो इसमे किंचित भी संदेह किसी को नही होना चाहिए कि सचिव , टीए व ग्राम प्रधान द्वारा परियोजनाओ मे जमकर भ्रष्टाचार का रुख अख्तियार किया जा रहा हैं । वरना सोशल आडिट के भौतिक सत्यापन से लेकर जनता के बीच खुली बैठक मे न केवल आडिट के उद्देश्य मे चार चांद लगाते बल्कि परियोजनाओ के शत - प्रतिशत क्रियान्वयन मे अपना विश्वास दिखाते हुए खुली बैठक मे जनता के बीच मुखर होकर आडिट को सम्पन्न कराते । लेकिन ग्राम पंचायत रमवापुर सरकारी मे ऐसा नही हुआ अपूर्ण पांच पी एम आवास के बीच औपचारिक रूप मे सोशल आडिट के मूल उद्देश्य को रौदते हुए टीम द्वारा जाने किस मजबूरी मे संपन्न का मोहर लगा दिया गया । जबकि देखा जाय तो 16 लाख 92 हजार 75 रूपये की कुल व्यय राशि मे हुए 16 परियोजनाओ का मानक के अनुरूप न तो भौतिक सत्यापन हुआ और न ही खुली बैठक मे शत - प्रतिशत पुष्टि हुई । बैठक की अध्यक्षता कर रही दुर्गावती के मुताबिक जो एक खुद श्रमिक है ग्राम पंचायत के 3 गड़ही के खुदाई कार्य मे मजदूरो की संख्या मे कभी 18 कभी 20 कभी 40 चालीस मजदूर काम किये है । वही ग्राम पंचायत मे हुए 3 इण्टर लाकिंग व 2 पक्की नाली निर्माण का मानक के अनुरूप भौतिक सत्यापन ही नही हुआ । और तो और टीम द्वारा मानव दिवस का कुल संख्या तक बताया न जा सका । जिससे यह स्पष्ट होता है कि एमआईएस रिपोर्ट की जानकारी तक टीम को नही है । ऐसे मे यह सवाल उठना लाजिमी है कि जब औपचारिक रूप मे सोशल आडिट के मूल उद्देश्य को रौद कर आडिट करना है तो परियोजनाओ के शत - प्रतिशत क्रियान्वयन के मूल उद्देश्य मे अनियमिता / भ्रष्टाचार के रोकथाम मे नाहक मे सामाजिक अंकेक्षण का नाम देकर पारदर्शिता , सहभागिता एवं जवाबदेही जैसी विश्वसनीयता का मजाक बनाया जा रहा है ।
उल्लेखनीय है कि प्रखण्ड सांथा के ग्राम पंचायत रमवापुर सरकारी मे न केवल सचिव , टी ए व ग्राम प्रधान अनुपस्थित रहे बल्कि अपनी ही जिम्मेदारी का सामना ही नही कर सके सोशल आडिट टीम द्वारा न जाने किस मजबूरी मे 16 लाख 92 हजार 75 रूपये की कुल व्यय राशि 16 परियोजनाओ { 3 इण्टरलॉकिंग , 2 पक्की नाली , 3 गड़ही , 3 मेढ़बंधी , 1 समतली करण , 3 चकरोड व 1 नाला खुदाई कार्य का औपचारिक रूप सचिव , टीए व ग्राम प्रधान की गैर मौजूदगी मे गिने चुने लोगो के बीच प्रधान की पक्षधर दुर्गावती की अध्यक्षता मे पंचायत भवन के बजाय मंदिर के धर्मशाला मे सोशल आडिट का वारा न्यारा कर दिया गया ।

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