अमृत सरोवर की जीसीबी से खुदाई पर रिकवरी से क्यो कतरा रही सोशल आडिट टीम ?
अमृत सरोवर की जीसीबी से खुदाई पर रिकवरी से क्यो कतरा रही सोशल आडिट टीम ?
लाखो के भ्रष्टाचार को दबा रही सोशल आडिट टीम ?
सन्त कबीर नगर ( सेमरियावा ) सोशल आडिट के भौतिक सत्यापन मे अमृत सरोवर की जीसीबी से खुदाई कार्य प्रतीत होने के बाद भी सोशल आडिट टीम रिकवरी की कार्यवाई रिपोर्ट लगाने से क्यो कतरा रही है । इसके पीछे ऐसी कौन सी बात आड़े आ रही है जिसके सामने सोशल आडिट टीम घुटने के बल आती दिख रही है । यही नही रामहित एवं रीना के पूर्ण भुगतान मे शून्य स्तर पर मिले पीएम आवास लाभ की भी रिकवरी की कार्यवाई से टीम कतराती हुई नजर आ रही है ।
उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत डड़वा माली मे हुई सोशल आडिट को भौतिक सत्यापन के दौरान 3 लाख 95 हजार 967 रूपये की कुल व्यय राशि मे 1859 मानव दिवस सृजन मे अमृत सरोवर स्पष्ट रूप से जेसीबी से कार्य होना पाया गया था । जिसे सोशल आडिट टीम द्वारा जेसीबी से कार्य होना प्रतीत बताया गया था तथा खुली बैठक मे श्रमिको की पुष्टि भी नही हुई थी बावजूद सोशल आडिट टीम रिकवरी की कार्यवाई रिपोर्ट से कतरा रही है जिससे कही न कही इससे मनरेगा गाइड लाइन के उल्लघंन के साथ भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है । यही हाल पूर्ण भुगतान मे शून्य स्तर पर पीएम आवास लाभार्थी रामहित व रीना के मामले का है जिस पर कार्यवाई से नजरे घुमाई जा रही है ।