।। सत्संग ।। मानव जीवन एक अवसर है
।। सत्संग ।। मानव जीवन एक अवसर है
सन्त कबीर नगर { मगहर } कबीर साहब के विचारो को हमे अपने जीवन मे उतारना चाहिए । जिसमे सही मायने मे मानव जीवन का मतलब निहित है उक्त बाते सत्संग के दौरान रिलेक्सो डोमस्वेयर कम्पनी निदेशक अब्दुल्लाह खान ने कही । वे आज सदगुरु कबीर साहब के 506 वा महानिर्वाण दिवस मे बतौर मुख्य अतिथि थे । उन्होंने कहा कि मगहर मे मेरा आना मेरे सौभाग्य का एक हिस्सा था जो " भूखे को भोजन नंगे को चीर " से प्रभावित हुआ । उक्त उपदेश को जीवंत रूप देने की कोशिश मे सदगुरु कबीर भोजन सेवा को शुरू किया , जो निरंतर चल रहा है । किसी भी सेवा मे हमारे अंदर श्रद्धा का भाव एवं सरलता का गुण होना चाहिए । यही से मानव जीवन के कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है । मेरा जीवन कबीर साहब के विचारो से इतना प्रभावित हुआ कि हमारे अंदर एक सवाल उठने लगा कि क्या कबीर साहब के विचारो पर जीवन जीया जा सकता है ? बार - बार उठ रहे इस प्रश्न को जब हमने अपने अन्तर मन से देखना प्रारंभ किया तो पाया कि सही मायने मानव जीवन का असली स्वरूप यही से है । मानव जीवन एक अवसर है जिसे खोना नही चाहिए । कबीर साहब के उद्देश्य को साकार रूप देना चाहिए उनके उद्देश्य मे मानव समाज के उत्थान के साथ मानवता का मूल पाठ निहित है ।
कबीर साहब के उपदेश मानव जीवन के लिए वरदान है इसके लाभ अवसर से किसी को चूकना नही चाहिए । अवसर निकल जाने पर फिर आने वाला नही है । मानव जीवन को प्रेम का रंग दो यही कबीर साहब के उपदेश का मूल सार है । पोथी पढ़ी पढ़ी जग मुआ पंडित भया न कोय । ढाई आखर प्रेम का पढ़ै सो पंडित होय ।
प्रभा ग्रुप के प्रबंधक विनय चतुर्वेदी ने कहा कि यहां पर रहना अपने आप मे एक तपस्या है जिसका सौभाग्य हम जनपद वासियो को मिला हुआ है । इसी क्रम मे देश के विभिन्न क्षेत्रो से आये सन्त महात्माओ भक्त एवं श्रद्धालुओ द्वारा अपने अपने विचार , अनुभव को प्रकट किया गया । किसी ने सदगुरु कबीर साहब जैसा न कोई हुआ और न होगा , तो किसी ने कबीर साहब ने मानवता का सन्देश दिया , तो किसी ने प्रभु का एक ही स्वरूप है का गुणगान किया ।
इस अवसर पर केशव दास , राधाकृष्ण साहब , अरविंद दास शास्त्री , वैद्य रामशरण दास , रमेश कुमार शर्मा , हरि शरण दास शास्त्री , सन्त राम लखन दास { लाल साहब } आदि सहित तमाम सन्त महात्मा व भक्त श्रद्धालु उपस्थित रहे ।