नित नये - नये शासनादेश से विकास कार्य हो रहा प्रभावित = प्रधान संघ
नित नये - नये शासनादेश से विकास कार्य हो रहे प्रभावित = प्रधान संघ
सुरक्षा हेतु शस्त्र लाइसेंस जारी करने की हो प्राथमिकता
सन्त कबीर नगर { सांथा } ज्ञापन के माध्यम से अपनी समस्याओ सहित विकास कार्य को सुचारू रूप से क्रियान्वयन के क्रम मे विभिन्न मांगो को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ग्राम प्रधान संघ सांथा ने खण्ड विकास अधिकारी को ज्ञापन दिया । प्रधान संघ अध्यक्ष रणवीर पाण्डेय के नेतृत्व मे खण्ड विकास अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को दिये गये ज्ञापन मे लिखा है कि 15 दिसम्बर 2021 को प्रदेश भर के प्रधान साथियो को डिफेंस एक्सपो मैदान लखनऊ मे आमंत्रित करके आप द्वारा निम्नलिखित घोषणाये की गई थी । जिन पर अमल करना तो दूर ग्राम पंचायतो को प्रयोगशाला बनाते हुए नित नये - नये शासनादेश जारी कर विकास कार्यो मे अवरोध पैदा किया जा रहा है इससे तीसरी सरकार के निर्वाचित प्रतिनिधियो मे सरकार के प्रति बढ़ रहे असंतोष को रोका जाना आवश्यक है । अतः ग्राम पंचायतो के निर्वाध विकास के लिए लोकहित मे अखिल भारतीय प्रधान संगठन की निम्नलिखित मांगो पर तत्काल अमल किया जाना आवश्यक है ।
सहायक सचिव कम डाटा एंट्री ऑपरेटर , शौचालय केयर टेकर एवं प्रधान के मानदेय की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा अलग से करने का वादा किया गया था जिस पर तत्काल अमल किया जाय ।
रजिस्टर्ड डिप्लोमा होल्डर अथवा जनपद मे नियुक्त किसी भी तकनीकी सहायक से स्टीमेट बनवाने की छूट का प्राविधान , जिला योजना समिति मे प्रधानो को प्रतिनिधित्व देने का वादा पूरा करने के साथ एक अभिनव प्रयोग करते हुए निदेशक पंचायतीराज के आदेश दिनांक 24.5.2024 द्वारा मानदेय पर नियुक्त अप्रशिक्षित पंचायत सहायक / एकाउंट कम डाटा एंट्री ऑपरेटर को पंचायत गेट वे साफ्टवेयर मे फेस रिकांग्निशन टेक्निक एवं क्यूर कोड वेरिफाई को एकीकृत करते हुए अपने रजिस्टर्ड मोबाइल से पंचायत सचिवालय मे स्थापित कम्प्यूटर सिस्टम द्वारा भुगतान हेतु अधिकृत कर दिया गया तथा बिना किसी तकनीकी प्रशिक्षण एवं क्षमता का आंकलन किये उन्हे क्यूर कोड वेरिफाई किये जाने की सोप जारी कर दी गई है , जो विकास कार्य मे बाधक है । प्रतिदिन 237 रूपये मनरेगा मजदूर काम करने को नही है , अतः इसे बढ़ाकर कम से कम 400 रुपया किया जाय , वर्ष 1993 मे पारित 73 संविधान संशोधन विधेयक के तहत 29 विषय व उनसे जुड़े अधिकार , कोष , कार्य और पंचायत कर्मियो को पंचायतो को सौप कर सत्ता विकेंद्रीकरण की आदर्श व्यवस्था लागू , प्रधानो , क्षेत्र पंचायत सदस्यो एवं जिला पंचायत सदस्यो के सुरक्षा हेतु शस्त्र लाइसेंस जारी करने की प्राथमिकता , प्रधानो व सभी त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियो के विरुद्ध अभियोग पंजीकरण से पूर्व उपनिदेशक पंचायती राज से अनुमति का प्राविधान किया जाय तथा बिना शपथ पत्र के प्रधानो की जांच न कराई जाय व झूठी शिकायत पर शिकायकर्ता के विरुद्ध भी कानूनी कार्यवाई अनिवार्य किया जाय , अंतिम उपभोक्ता अर्थात भारत की जनता द्वारा प्रदत्त टैक्स से सरकारो का कार्य एवं विकास कार्य होता है तथा जनसंख्या का 70% भाग गांव मे निवास करता है इसलिए गांव के विकास के लिए सरकार को जीएसटी आदि द्वारा प्राप्त राजस्व का 70% ग्राम पंचायतो को उपलब्ध कराया जाय , पंचायत से जुड़े राजस्व कर्मी , पंचायत कर्मी , आंगनबाड़ी , राशन कोटेदार व प्राथमिक विद्यालय के अध्यापको की उपस्थिति कार्य प्रमाणन निलंबन की संस्तुति सहित सभी मामलो मे पंचायतो को पूर्ण अधिकार दिया जाय की मांग की गई है।