।। स्वतंत्रता दिवस ।। देश को समर्पित जीवन स्वतंत्रता का प्रतीक = अब्दुल्लाह खान
देश को समर्पित जीवन स्वतंत्रता का प्रतीक = अब्दुल्लाह खान
नाशिक = रिलेक्सो डोमस्वेयर कम्पनी राजीव नगर नाशिक मे बड़े ही धूमधाम से 78 वा स्वतंत्रता दिवस मनाया गया । राष्ट्रगान के साथ देश प्रेम के विविध गीत व गुलामी से लेकर आजादी काल तक अमर शहीदो, स्वतंत्रता सेनानियो के बलिदानो को याद किया गया ।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कम्पनी निदेशक अब्दुल्लाह खान ने कहा कि जीवन के हर स्तर से ऊपर उठकर देश के लिए समर्पित जीवन स्वतंत्रता का प्रतीक है जो हर बंधनो से ऊपर भी है और दूर भी है, स्वतंत्रता का वह हर चीज प्रतीक नही हो सकता है जिससे किसी भी कारण से देश की अखंडता, समता , भाईचारा, प्रेम बंधुत्व प्रभावित होता हो ।
उन्होने कहा कि हम सब हर वर्ष बड़े ही गर्व से हर्षोल्लास पूर्वक स्वतंत्रता दिवस को मनाते है फिर ऐसी कौन सी परिस्थिति हमे समावेश से रोक रही है समरसता से दूर कर रही है ? कही ऐसा तो नही कि हम स्वतंत्रता को किसी और अर्थ की ओर ले जा रहे है ? उन्होंने कहा कि जब हम अंतर्राष्ट्रीय पटल पर भारतवासी होते है तब हम अपने देश मे जाति समुदाय के रूप मे क्यो स्थापित होते है ? हमे हमारे स्वतंत्रता सेनानियो, वीर शहीदो और देश की आजादी के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने वाले अपने पूर्वजे के बलिदानो को समझना होगा, तभी हम स्वतंत्रता के असल अर्थ को समझ पायेंगे ।