परियोजना के शत- प्रतिशत क्रियान्वयन सत्यापन मे नही हुआ आडिट
परियोजना के शत- प्रतिशत क्रियान्वयन सत्यापन मे नही हुआ आडिट
अधिकारियो की उदासीनता सतत जारी !
सन्त कबीर नगर { सांथा } परियोजनाओ के शत - प्रतिशत क्रियान्वयन मे वित्तीय अनियमितता/ भ्रष्टाचार के रोकथाम के क्रम मे आम जनमानस की सहभागिता के मूल उद्देश्य मे जन जागरूकता के तहत होने वाला सोशल आडिट मे संबंधित अधिकारी, कर्मचारी की सतत उदासीनता जारी है । ऐसे मे परियोजनाओ के शत- प्रतिशत क्रियान्वयन मे कितनी पारदर्शिता और संबंधितो मे कितनी जवाबदेही काम कर रही होगी नाहक मे न सिर्फ यह एक सवाल बनकर खड़ा हो रहा है बल्कि ब्लाक पर क्रमानुसार फलीभूत हो रही कमीशनखोरी की सूत्रीय बात कही न कही उदाहरण स्वरूप साबित हो रहा है ।
उल्लेखनीय है कि विकास खण्ड के ग्राम पंचायत पोखर भिटवा मे आयोजित हुआ सोशल आडिट बतौर कागजी कोरम पूरा औपचारिकता मात्र बनकर रह गया । वित्तीय वर्ष के 51 लाख 41 हजार 84 रूपये की कुल व्यय राशि मे 22 { 11 कच्चा 11 पक्का } परियोजनाओ की आडिट मे न तो मानक को तरजीह मिल सका और न ही सक्रिय 191 श्रमिको का सत्यापन हो सका । जुम्मे की नमाज के दृष्टिगत पर्याप्त समय को महत्व न देकर 11:45 से खुली बैठक का आयोजन कर 1: 30 के आसपास खत्म कर दिया गया । जिसके नतीजतन किसी एक भी श्रमिक का सत्यापन नही हो सका । आडिट के महत्ता मे बैठक की अध्यक्षता का भी मजाक बना दिया गया । बैठक की अध्यक्षता कर रहे एजाज अहमद को स्वयं को मिले रोजगार का भी पता नही और 22 परियोजनाओ के सोशल आडिट का अध्यक्ष बना दिया गया । परियोजनाओ के शत- प्रतिशत क्रियान्वयन मे मानक की जानकारी छुपाने के तौर पर तकनीकी सहायक द्वारा कोई सहयोग नही किया गया । जो परियोजनाओ के शत- प्रतिशत क्रियान्वयन मे मानक के अनुरुप मानने वाली सोशल आडिट की टीम की कर्त्तव्य परायणता पर भी सवाल खड़ा होता हुआ दिखाई दे रहा है । सेवन रजिस्टर के मामले मे रोजगार सेवक द्वारा महज तीन रजिस्टर " रोजगार,परिसंपत्ति और डिमांड " की मुख्यता मे उपलब्ध कराया गया, शेष को कागजी कोरम समझा गया । जो रोजगार सेवक के कर्त्तव्य परायणता पर उदासीनता का प्रभाव नजर आ रहा है ।
बहरहाल मकसूद के राइसमील से मेवालाल के घर तक इण्टरलॉकिंग अपूर्ण स्थिति " जिसमे विवादित मामला बताया गया " के साथ अयोध्या के घर से इसहाक के घर तक, अजीत के घर अयोध्या के घर तक, पीडब्ल्यूडी सड़क से इसरार के घर तक, इसरार के घर से मकसूद अली के राइसमील तक, मौजम मिया के खेत से इसरार के खेत तक, तुलसीराम के खेत से तुफैल के खेत तक, इसरार के खेत से तुलसीराम के खेत तक व जौहर अली के खेत से इबारत अली के घर तक इण्टरलॉकिंग सहित कुल 9 लाख 61 हजार 630 रूपये की कुल अकुशल मजदूरी मे गुलरिहवा पोखरे का अमृत सरोवर निर्माण कार्य मे 25 जून से 10 जुलाई तक का सृजित 2160 मानव दिवस { मजदूरी - 4 लाख 96 हजार 800 रूपये } मे 30 जून से 10 जुलाई तक का मस्टररोल एक मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जनपद मे 30 जून को खेतो मे पानी लग जाने वाला तेज बारिश होने के लिहाज से फर्जी लग रहा है के साथ मानक के अनुरुप बगैर सत्यापन के आडिट का कोरम पूरा कर दिया गया ।