।। ऐसी-तैसी ।। कपोल कल्पना दलीलो की हो रही है सोशल आडिट
।। ऐसी तैसी ।। कपोल कल्पित दलीलो की हो रही है सोशल आडिट !
सत्यापन की राह देखती रह गई दो लाख से अधिक व्यय की परियोजना
सन्त कबीर नगर
{ नाथनगर } सत्यापन की ऐसी की तैसी मे जब सोशल आडिट होगा तब न केवल भ्रष्टाचार के " पौ बारह होना " की कहावत चरितार्थ होती रहेगी बल्कि विकास के अवरोध मे पत्रकारिता के नाम पर तथाकथित पैरोकार की मंशा भी फलती फूलती रहेगी ।
उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत झिंगुरापार मे परियोजनाओ के शत- प्रतिशत क्रियान्वयन मे वित्तीय अनियमितता / भ्रष्टाचार के मूल उद्देश्य को दरकिनार कर वित्तीय वर्ष 2023-24 के कुल 39 लाख 16 हजार 180 रू० की व्यय राशि मे सक्रिय 280 श्रमिको के बीच सृजित 11181 मानव दिवस मे 25 परियोजना व 11आवास मजदूरी की सोशल आडिट खानापूर्ति के आगोश मे संपन्न हुई ।
खरीफ की खड़ी फसल के दौरान सृजित 338 मानव दिवस मे 10 से 25 अक्तूबर तक झिंगुरापार मे रहिमन के खेत से मन्नवर हुसैन के खेत तक संपर्क मार्ग पर मिट्टी कार्य एवं 698 मानव दिवस मे 7 से 22 अक्तूबर तक विश्वनाथ के खेत से फूल कुमार के खेत होते हुए डोकरा सिवान तक मिट्टी कार्य की परियोजना शत- प्रतिशत क्रियान्वयन मे सत्यापन की राह जोहती रह गई ।
जो माह कार्य के लिहाज से न कार्य योजना तैयार करने वाली ग्राम पंचायत की खुली बैठक स्थिति परिस्थिति को समझ पाई और न ही स्टीमेट/एम बी की जिम्मेदारी मे तकनीकी सहायक से लेकर मस्टररोल जारी करने वाले सत्यनिष्ठ कर्त्तव्य परायणता की दरकार मे एपीओ बीडीओ समझ पाये । हद तो तब हो गई जब परियोजनाओ के शत- प्रतिशत क्रियान्वयन मे वित्तीय अनियमितता / भ्रष्टाचार के रोकथाम मे पारदर्शिता, सहभागिता एवं जवाबदेही के मूल उद्देश्य मे स्थलीय निरीक्षण अभिलेख सत्यापन की जिम्मेदारी मे सोशल आडिट टीम खानापूर्ति के आगोश मे चली गई ।
जबकि जानकारो की माने तो उक्त माह मे खरीफ की मुख्य फसल धान पकने की राह मे खड़ी होती है ।अलबत्ता माह के लिहाज से भ्रष्टाचार के रंग मे उक्त परियोजनाये रंगी हुई दिखाई दे रही है ।
जिसके बढ़ते मनोबल के क्रम की पुनरावृति मे वित्तीय वर्ष 2024- 25 मे सृजित 485 मानव दिवस मे 16 से 31 अगस्त तक राम कुमार चौधरी के बाग से गौकरण के खेत होते हुए नाला तक मिट्टी कार्य व सृजित 532 मानव दिवस मे 16 से 31 अगस्त तक भवानी प्रसाद चौधरी के खेत से रंगीलाल के बाग तक मिट्टी कार्य तथा सृजित 468 मानव दिवस मे 22 अक्तूबर से 6 नवंबर तक गौकरण के खेत से साधुशरण के खेत होते हुए उदयभान के खेत तक मिट्टी कार्य की परियोजना को बल मिलता हुआ दिखाई दे रहा है ।
इसी क्रम मे बारिश के मौसम मे जब खेतो मे व सड़क की दरेशी मे पानी/कीचड़ होता है के समय मे ग्राम पंचायत काली जगदीशपुर मे नौ परियोजना { मेढ़बंधी 318 व पिच रोड की पटरी पर मिट्टी पटाई 2992 मानव दिवस के सृजन } पर 3 अगस्त से लेकर 22 अक्तूबर के बीच हुआ कार्य सत्यापन की दरकार मे नजरंदाज के भेंट चढ़ गई ।
ऐसे मे यह कहना कोई अतिशयोक्ति नही होनी चाहिए कि स्थलीय निरीक्षण, अभिलेख सत्यापन व्यवस्था के बावजूद सोशल आडिट कथित दलीलो के आधार पर हो रही है ।