कथित सत्यापन मे हुआ आडिट !

कथित सत्यापन मे हुआ आडिट !


सन्त कबीर नगर ( बघौली ) पीएम आवास ( ग्रामीण ) एवं मनरेगा योजना की चल रही शत- प्रतिशत क्रियान्वयन मे  पारदर्शिता, जवाबदेही एवं जन सहभागिता के उद्देश्य मे सोशल आडिट औपचारिकता के अलावा कुछ भी नही । इसका मूल उद्देश्य कही भी नजर नही आ रहा है । चार दिन का समय होते हुए भी बिना सत्यापन के परियोजनाओं के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन का मोहर लग रहा है । 
जबकि देखा जाय तो मीडिया रिपोर्ट्स के साथ हालिया मे 14 जिला स्तरीय अधिकारियों के औचक निरीक्षण मे बड़े पैमाने पर मस्टररोल के मुताबिक न तो मनरेगा मजदूर मिले थे और न ही कार्य होना पाया गया था । वही सूत्रों की माने तो ब्लाक स्तरीय अधिकारियों कर्मचारियों के बीच 25 से 30 प्रतिशत कमीशन लेने की बाते अक्सर सुर्खिया बटोरती रहती हैं । ऐसे मे सोशल आडिट टीमो द्वारा चार दिन के कार्यकाल मे बिना सत्यापन के शत - प्रतिशत क्रियान्वयन का आडिट कैसे सकुशल संपन्न हो रहा है ? ऐसे मे यह सवाल उठना लाजिमी है कि नामित पर्यवेक्षक और जिला विकास अधिकारी के होते कथित सत्यापन मे पारदर्शिता, जवाबदेही एवं जन सहभागिता का सोशल आडिट का मोहर कैसे लग रहा हैं कही इनका भी सत्यनिष्ठ कर्त्तव्य परायणता प्रभावित नही हो गया है ।
उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत रसहरा मे वित्तीय वर्ष 2024- 25 की कुल 70 लाख 57 हजार 991 की व्यय राशि मे 18 पीएम आवास मजदूरी सहित 64 परियोजनाओं मे सृजित 18987 मानव दिवस की आडिट मे कथित सत्यापन को तरजीह मिला है । मेढ़बंधी की 32 परियोजनाओं मे सृजित 4973 मानव दिवस का खेतो के रकबे और सोलह दिन के कार्य दिवस मे श्रमिको द्वारा कितनी मिट्टी खुदाई कर मेढ़ बांधने का कार्य किया गया का बिना सत्यापन के शत- प्रतिशत क्रियान्वयन का आडिट का मोहर लगा दिया गया। इसी क्रम मे जूनियर विद्यालय के प्रांगण मे मिट्टी पटाई मे मनरेगा से सृजित 165 मानव दिवस और राज्य वित्त से राम संवारे को भुगतान 53 हजार रुपए का बिना सत्यापन के आडिट का मोहर लगा दिया गया । यही नही निम्नवत इंटरलॉकिंग परियोजना" फ्रिश पाठक के घर से रमेश के घर तक, सुग्रीम के घर से अच्छेलाल के घर तक, पिच मार्ग से रवीश चौरसिया के घर तक, श्याम के घर से रामजी के घर तक, बरहटा मे राम सागर के घर से सीताराम के घर तक, बरहटा मे यशवंत के घर से इंटरलाकिंग तक, तथा बरहटा मे प्रेमसागर के घर से तालाब तक इंटरलाकिंग मे प्रयोग स्टोन एग्रीगेट पर कुल 13.004.55 की व्यय राशि का सत्यापन नही हुआ । इसी क्रम मे रसहरा मे राम जानकी मंदिर के सामने अमृत सरोवर के पथवे पर इण्टरकालिंग मे 5137.56 की व्यय राशि मे वाटर प्रूफिंग सीमेंट पेंट एवं 13689 रूपये की व्यय राशि मे पत्थर समुच्चय का हुए प्रयोग का सत्यापन नही हुआ । तकनीकी सहायक द्वारा कोई सहयोग नहीं किया गया ।
कार्यों की स्थिति देखी जाय तो 8 इंटरलाकिंग,1 खड़ंजा, 5015 मानव दिवस के सृजन मे 15 चकमार्ग, 5059 मानव दिवस के सृजन मे 4 गड़ही तथा 2718 मानव दिवस के सृजन मे 2 नाला खुदाई हुआ है ।
वही इसके पिछले वित्तीय वर्ष 2023- 24 मे 1854 मानव दिवस के सृजन मे 2 नाला, 3089 मानव दिवस के सृजन मे 11 चकमार्ग, 314 मानव दिवस के सृजन मे 1 गड़ही व 1567 मानव दिवस के सृजन मंच 8 मेढ़बंधी जो फीडबैक की दरकार मे रहा । कार्य अवधि की स्थिति मे जानने की बात की जाय तो 2022- 23 मे 5704 मानव दिवस के सृजन मे 5 गड़ही, 2075 मानव दिवस के सृजन मे 6 चकमार्ग आता है । 
इसके अलावा चालू वित्तीय की स्थिति देखा जाय तो 1140 मानव दिवस के सृजन मे 1 नाला खुदाई, 3907 मानव दिवस के सृजन मे 2 गड़ही तथा 400 मानव दिवस के सृजन मे 2 चकमार्ग पर कार्य होने का रिकॉर्ड प्राप्त हो रहा है ।

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