पानी पीने तक हुई सहभागिता की आडिट !
पानी पीने तक हुई सहभागिता की आडिट !
तकनीकी सहायक के बगैर मानक का मोहर !
सन्त कबीर नगर ( मेहदावल ) जब रोजगार मांगने वाले मनरेगा मजदूर कार्य स्थल से दूर रहकर कार्य का हाजिरी का लाभ उठा सकते हैं जब कार्य स्थल से दूर रहकर तकनीकी सहायक द्वारा स्टीमेट/एम बी हो सकता है जब एक ही फोटो से एक से अधिक मस्टररोल चल सकता है तब मानक के अनुरुप बिना सत्यापन के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन का आडिट क्यो नही हो सकता है ।
यह कहानी कोई और नहीं सोशल आडिट टीम और उससे संबंधित अधिकारी बयां कर रहे हैं ।
उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत औरही की आडिट दस बजे के बाद शुरू हुई और ग्यारह बजे उपस्थित ग्रामीण जल पान करके चलते बने । सचिव, तकनीकी सहायक अनुपस्थित रहे, नामित पर्यवेक्षक तो दिवा स्वप्न हो गए हैं ।
यह और बात है कि इस ग्राम पंचायत की वित्तीय वर्ष 2024- 25 के कुल 30 लाख 860 की व्यय राशि मे 47 आवास मजदूरी सहित 22 मेढ़बंधी, 7 चकरोड, 7 इण्टरलॉकिंग, 2 नाली, 2 गड़ही खुदाई कार्य,
और 8328 मानव दिवस के सृजन मे रोजगार प्राप्त करने वाले 120 श्रमिको की पारदर्शिता, जवाबदेही एवं जन सहभागिता के मूल उद्देश्य मे आडिट होनी थी । लेकिन उक्त उद्देश्य मे सिवाय कागजी कोरम के कुछ भी नही हुआ । जबकि एक तरफ मुश्किल कार्य समय के दृष्टिगत जहां 12 से 27 अगस्त मे सुरेंद्र तिवारी, राम मिलन के जाने कितने रकबे की खेत की मेढ़बंधी मे सृजित 389 मानव दिवस, 20 जुलाई से 4 अगस्त तक मे राम दवन, नोहर, राम किशुन, शुभकरण की खेत मेढ़बंधी मे 720 व 4 से 19 मार्च तक मे 137 मानव दिवस मे मंगलेश मणि, 12 से 27 फरवरी तक मे सृजित 138 मानव दिवस मे विनोदमणि, 20 जनवरी से 4 फरवरी तक मे सृजित 190 मानव दिवस मे हरिराम मणि, 19 जनवरी से 3 फरवरी तक मे सृजित 202 मानव दिवस मे अष्टभुजा मणि एवं 29 दिसंबर से 13 जनवरी तक मे सृजित 202 मानव दिवस मे हुई मेढ़बंधी परियोजना की पारदर्शिता और जवाबदेही की ऐसी की तैसी कर दी गईं । एक ही परियोजना मे एक से अधिक जाबकार्ड धारी परिवार के काम किए लोगो की आडिट होने से रही । वही दूसरी तरफ फीडबैक की दृष्टि मे देखा जाय तो सृजित 150 मानव पुरूष रोड से राम किशुन के घर तक कृषि मार्ग निर्माण कार्य, पुरुष रोड से राम किशुन के घर तक इंटरलाकिंग कार्य पारदर्शिता और जवाबदेही के सत्यापन पर सवाल खड़ा कर रहा हैं । जो उक्त की दृष्टि मे वित्तीय वर्ष 2022- 23 की एक और परियोजना जिसमे सृजित 279 मानव दिवस मे पंचायत भवन के पीछे राम प्रसाद के घर तक कृषि मार्ग निर्माण कार्य और सृजित 327 मानव दिवस मे पंचायत भवन के पीछे मिट्टी पटाई और समतलीकरण की परियोजना सत्यापन की दृष्टि मे आडिट का माखौल बना रही हैं ।
बहरहाल जब डीडीओ खुद कहते है कि सोशल आडिट टीम टेक्निकल टीम नही है फिर कैसे मानक के अनुरुप आडिट की मोहर को मान्यता मिल रही हैं ?
अलबत्ता 7 इंटरलांकिग के मानक के अनुरुप बिना टीए के सहयोग के सत्यापन की आडिट पर सवाल उठ रहा है वही मेढ़बंधी की 11 परियोजना मे सृजित 1978 मानव दिवस यानि कि 4 लाख 68 हजार 786 रूपये के मुश्किल कार्य काल मे हुई वित्तीय अनियमितता को कही न कही अन्य आडिटो की भांति छुपाने का आडिट किये जाने का मामला दृष्टिगोचर हो रहा है ।
इसी क्रम मे वित्तीय वर्ष 2023- 24 मे सृजित 546 मानव दिवस मे जयराम के घर के पास सामुदायिक भूमि का पटाई और समतलीकरण और फिर राज्य वित्त से अमृत सरोवर के निकट निर्मित स्नान घर के पास चालू वित्तीय वर्ष मे सामुदायिक भूमि का समतलीकरण/ जल भराव सुधार कार्य की परियोजना पर हो रहा कार्य सत्यापन का इंतजार कर रहा है ।