डीडीओ के निरीक्षण सूचना को दरकिनार कर चलती बनी सोशल आडिट टीम !
डीडीओ के निरीक्षण सूचना को दरकिनार कर चलती बनी सोशल आडिट टीम !
धर्मेंद्र त्रिपाठी
सन्त कबीर नगर ( नाथनगर ) अपनी जिम्मेदारियों के साथ आदेशों के अनुपालन की अधिनस्थों में कितनी जिम्मेवारियां बची हैं ? इसका उदाहरण ग्राम पंचायत गौरा खुर्द मे सोशल आडिट करने वाली टीम हैं जो जिला विकास अधिकारी के पूर्व निरीक्षण सूचना को दरकिनार करते हुए नौ दो ग्यारह हो गई । निरीक्षण करने गए जिला विकास अधिकारी को न तो सोशल आडिट टीम मिली और न ही तकनीकी सहायक व सचिव मिले ।
उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2024- 25 की कुल 59 लाख 17 हजार 393 रूपये की व्यय राशि मे 52 परियोजनाओं ( 20 मेढ़बंधी/समतलीकरण, 5 तालाब खुदाई जिसमे 1 श्रीराम सिंह के खेत मे तालाब खुदाई कार्य, 3 इंटरलॉकिंग 1 नाली निर्माण 2 वृक्षारोपण, 10 से 25 जुलाई तक मे 4 कृषि मार्ग पर मिट्टी कार्य, 17 पीएम आवास (ग्रामीण) तथा 7 परियोजना सामग्री जिसमे 4 परियोजना मे 4 - परिवहन खर्च 95882 ) की पारदर्शिता, जवाबदेही और जन सहभागिता को सुनिश्चित करने के संबंध मे वित्तीय अनियमिता/ भ्रष्टाचार के रोकथाम की सोशल आडिट न केवल बेपरवाही के भेंट चढ़ती हुई नजर आ रही हैं बल्कि जिला विकास अधिकारी के निरीक्षण पूर्व सूचना के बावजूद कही न कही सक्षम अधिकारी न मानने की दशा मे आदेश की धज्जियां उड़ाने की स्थिति दृष्टिगोचर हो रही हैं । प्राप्त जानकारी के अनुसार 52 परियोजनाओं मे तकरीबन 366 अकुशल श्रमिको का तथा 7 परियोजना सामग्री मे 4 मे 4- परिवहन खर्च 95882 के साथ वित्तीय वर्ष 2023- 24 मे 770 मानव दिवस के सृजन मे गौरा खुर्द रजनौली मे राम सिंह के खेत में तालाब निर्माण कार्य तथा 2024- 25 मे 624 मानव दिवस के सृजन मे गौरा खुर्द श्रीराम सिंह के खेत में तालाब खुदाई की आडिट सत्यापन की दरकार मे रही । जबकि देखा जाय तो प्रारूप 3: श्रमिको को भुगतान के मुताबिक सामाजिक लेखा परीक्षा टीम को प्रत्येक श्रमिक को किये गये भुगतान का 100% घरेलू सत्यापन करके सत्यापन करना होगा ।
लिहाजा 11 बजे से प्रारंभ और डीडीओ के डेढ़ बजे पहुंचने के पहले टीम का नदारद होना कही न कही यह जाहिर करता है कि आडिट की पूरी प्रक्रिया पूरी नही की गई हैं । ऊपर से डीडीओ के दौरे की पूर्व सूचना के बावजूद नदारद होना मनमर्जी के आगे आदेश को धताना-बताना जाहिर हो रहा है ।
लिहाजा पूर्व सूचना के बावजूद टीम के नदारद होने की दशा मे उठते सवाल के जबाव में जिला विकास अधिकारी प्रेम प्रकाश त्रिपाठी द्वारा नोटिस जारी करने की बात कही गई हैं । अब देखना यह है कि सोशल आडिट के मूल उद्देश्य के दरकिनार की स्थिति मे मनमर्जी और डीडीओ के दौरे की पूर्व सूचना की अवमानना मे कार्यवाही होती हैं या नहीं । उक्त प्रकरण यक्ष प्रश्न के रूप मे सवाल बनकर खड़ा हैं ।