कर्त्तव्य की राह
कर्त्तव्य की राह अब नही आसान किसी को कर्त्तव्य मार्ग पर चल पाना । हर कदम पर फिसलन है मुश्किल है सफर तय कर पाना । वो और राही थे जिनके कंधे पदचिन्ह सवारी था । एतबारो से मुफीद मुक्कमल जिम्मेवारी का पतवारी था । शिक्षा भी शीश झुकाता था सच्चाई भी सिर नवाता था । ईमानदारी का दामन भी दायित्व पथ लहराता था । यही वक्त तब भी था यही छांव आंचल भी था । यही चुनौती तब भी पथ था दृष्टिगत हर ओर आलम था । जी एल वेदांती " कवि " स्थान विशेषता : सूफी सन्त कबीर दास महानिर्वाण स्थली जनपद मे सेवाकाल का लगभग तेरह महीने का अंतिम दौर जीवन को नया आयाम दिया है " ढाई आखर प्रेम " की अनुभूति होती रही , जब भी अवसर मिलेगा सरजमी का बंदन करने जरूर आऊंगा = सेवा निवृत जिला विकास अधिकारी सुदामा प्रसाद सेवा काल : 1अप्रैल 1994 से 31 जनवरी 2023