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अप्रैल, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

लाश - ए - कोरोना

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लाश - ए - कोरोना वो जो लावारिस पड़ा है़ वह यतीम नही था जिन्दगी के सफर का फलीभूत रहबर था वह कभी एक तन्हा नही था उसका  हर पल  सुकूने सिपर था उसने नही की थी कभी किसी  दिल को दुखाने की  कोशिश रिश्ते की हर शर्त को मंजूर किया था वह कभी नही था उम्मीद से टूटा उसके यकीं मे आसमां का एक जहां था उसे यकीं था जो अपने है़ वो नसीब होगे आखिरी घड़ी मे कन्धों सहित खड़े होगे जी एल वेदांती

जीवनदायिनी स्वास्थ्यवर्धक मास्क का करे प्रयोग रहे सुरक्षित

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जीवनदायिनी स्वास्थ्यवर्धक मास्क का करे प्रयोग रहे सुरक्षित सन्त कबीर नगर - वैश्विक महामारी कोविड 19 अपने दूसरे लहर मे जिन्दगियो को निगलना शुरू कर दिया है़ । देश मे सर्वाधिक कोविड संक्रमित राज्यो मे महाराष्ट्र के बाद उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर है़ । ऐसे मे गंभीर बनना उतना ही जरूरी है़ जितना प्यासे के लिए एक बूंद जल की जरूरत होती है़ । जो लोग मास्क को खूबसूरत चेहरे का धब्बा मानकर नही लगा रहे है़ उन्हे यह अच्छी तरह से समझ लेना चाहिए कि मास्क केवल कोविड 19 से बचाने का ही काम नही करता है़ बल्कि इस तपती धूप मे चेहरे को झुलसने से बचा रहा है़ डीजल और पेट्रोल से सर्वाधिक चलने वाले वाहनो से हवा मे नाइट्रोजन आक्साइड , बारीक रबर के कण और धातु के महीन छोड़ते कणो से बचा रहा है़ लू के साथ उड़ रहे प्रदूषित धूल के कणो से बचा रहा है़ आधुनिक विकास के उन आविष्कारो के नियमित उपयोग करने से हो रहे वायु प्रदूषण से बचा रहा है़ जो हवाओ मे व्याप्त होकर सांस के रास्ते गले मे खरास से लेकर जीवन स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले फेफड़े के रोगी हो जाते है़ । यह मास्क आज लोगो को भले ही कोविड 19 से बचाव के क्रम मे इजात हुआ...

आक्सीजन युक्त पौधो से आच्छादित है़ बरगदवां कला गांव

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आक्सीजन युक्त पौधो से आच्छादित है़ बरगदवां कला गांव सन्त कबीर नगर [ बेलहर कला ] आदर्श गांव बनने की राह पर बरगदवां कला गांव आक्सीजन देने वाला अम्ब्रेला ट्री से आच्छादित है़ । रीलेक्सो डोमस्वेयर कंपनी के सहयोग से गांव मे अम्ब्रेला के पौधे जगह - जगह लगाये गये है़ छत्तादार होने से पौधे जहां खूबसूरत दिख रहे है़ वही हरा भरा होने से शीतलता का आनन्द लिया जा रहा है़ उसके नीचे बैठने वाले आक्सीजन सहित इस ग्रीष्म ऋतु मे धूप से राहत पा रहे है़ । हालांकि इसकी संख्या सौ थी लेकिन जागरूकता के अभाव मे तीस पौधे ही बचे है़ बाकी सत्तर पौधे सूख टूटकर खत्म हो गये है़ । चूंकि पौधो की देख रेख के लिए कंपनी निदेशक द्वारा इनाम रखा गया था । जिससे पौधे की बेहतर देख - रेख करने वाले लोग पुरस्कृत भी किये गये है़ ।  बताते चले कि प्रखंड बेलहर कला का बरगदवां कला आदर्श गांव बनने की राह पर है़ । अगरबत्ती , नील , डिटर्जेंट पाउडर इत्यादि की उत्पादन करने वाली गांव मे स्थित नाशिक महाराष्ट्र की रीलेक्सो डोमस्वेयर कंपनी द्वारा यह पहल किया गया है़ । कंपनी द्वारा अब तक आदर्श गांव बनाने के क्रम मे सैकड़ो आम , नीम के पौधे ग्रामीण...

दस रुपया पर खेला जा रहा है़ अनमोल जिन्दगी का खेल

दस रुपया पर खेला जा रहा है़ अनमोल जिन्दगी का खेल ▪756 व्यक्तियो का कटा दो दिन मे 157900 ₹ का चालान▪ सन्त कबीर नगर - कोविड 19 के बढ़ते संक्रमण से बचाव के क्रम मे मास्क प्रयोग पर विशेष बल दिया जा रहा है़ शासन - प्रशासन लगातर जारी " सोशल डिस्टेंसिंग अनुपालन , सेनिटाइजर प्रयोग , मास्क इस्तेमाल " गाइड लाइन अनुपालन मे सख्ती भी दिखा रहा है़ जागरूक भी करने का काम कर रहा है़ न मानने वालो पर चालान की कार्यवाई भी कर रहा है़ फिर भी ढीलवाही का आलम ऐसा है़ जैसे जिन्दगी की कीमत दस रुपया भी नही है़ । दस रुपया कीमत वाला मास्क इतना महंगा दिखायी दे रहा है़ कि अगर इसे खरीद लिया गया तो गरीबी का हंटर चल जायेगा । एक कप चाय , एक पुड़िया गुटका , एक चुटकी सुर्ती , एक बीड़ी - सिगरेट पीना दुश्वार हो जायेगा ।  उल्लेखनीय है़ कि कोविड 19 से बचाव के क्रम मे जिन्दगी को दस रूपये के मास्क से बचाया जा सकता है़ । फिर भी लोग सुर्ती , बीड़ी , सिगरेट , गुटका खा पीकर थूक देगे , चेहरे की खूबसूरती गायब न हो , चेहरे पर कोई काला वगैरह धब्बा न हो इसके लिए आधुनिक विकास का फायदा उठाते हुए क्रीम , पाउडर जाने क्या - क्या लगाने -...

जिन्दगी का फलसफा मुहब्बत है़ इसे प्रेम से जीना चाहिए - अब्दुल्ला खान

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जिन्दगी का फलसफा मुहब्बत है़ इसे प्रेम से जीना चाहिए - अब्दुल्ला खान सन्त कबीर नगर [ मगहर ] जिन्दगी का फलसफा मुहब्बत है़ इसे प्रेम से जीना चाहिए उक्त बाते सपरिवार कबीर मठ आये रीलेक्सो डोमस्वेयर कंपनी के निदेशक अब्दुल्ला खान ने कही । उन्होने कहा कि सूफी सन्त कबीर दास जीवन के फलसफा है़ उनके दिये उपदेश को जिन्दगी मे उतारना चाहिए फिर देखना किसी को किसी से कोई गीला शिकवा नही रहेगा । आलिम केमिस्ट पत्नि नाहिद फातिमा ने कहा कि परिवार के साथ यहां आने से ऐसा लगता है़ मानो जिन्दगी अब कही जाकर अपनी हसरत को पायी है़ । अभी तक तो दोहे से साहित्य से उनके दिये उपदेश को पढ़ कर जानने समझने की कोशिश करते थे लेकिन असल पढ़ाई यहां आकर हुई है़ ।  बताते चले कि विगत माह दो फरवरी को सद्गुरु कबीर भोजन सेवा को नियमित करते हुए दस मार्च को वस्त्र दान सेवा कार्य प्रारम्भ करवाने के बाद रीलेक्सो डोमस्वेयर कंपनी के निदेशक अब्दुल्ला खान पहली बार सपरिवार कबीर मठ मगहर आये । इस दौरान सभी बेटिया गजल , तंजू , आदल , आयत , इफ्फा व खुशी ने भोजन सेवा मे कूपन कटवाकर भोजन सेवा की भागीदार बनी ।  इस दौरान कबीर मठ पीठाधीश्वर मह...

जिला प्रशासन की उदासीनता या खेतिहर की मनमानी जल रही खेतो की उर्वरक शक्तियां

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जिला प्रशासन की उदासीनता या खेतिहर की मनमानी जल रही खेतो की उर्वरक शक्तियां  ▪खेतो की नमी प्रभावित होने की सम्भावना▪ सन्त कबीर नगर - कृषि प्रधान जनपद की पैदावार खेतिया बेतहाशा जल रही है़ अपनी उर्वरक शक्ति सहित अपने गोद से कीड़े - मकोड़े को खो रही है़ जानवरो को मिलने वाले घास भूसे जलकर राख हो रहे है़ वातावरण की शुद्धता एवं मनोहर प्रकृति की छटा बिखेरने वाले पेड़ पौधे झुलस रहे है़ । उर्वरक मिट्टी उस ऊसर भूमि से भी गयी गुजरी होने की राह पर दिखायी देती नजर आ रही है़ जहां जंगली घास को भी उगना मुश्किल होता है़ , लोगो के घर जले सो अलग । ये सब उस जिला प्रशासन के रहते हो रहा है़ जो किसान हित को देखते हुए सरकार के माध्यम से बेहतर कृषि के लिए पैदावार स्कीमे लाती है़ । ये सब उस खेतिहर के रहते हो रहा है़ जो खेत मे पहुंचने पर झुककर प्रणाम करता है़ और मिट्टी को चूमते हुए पेशानी से लगाकर " मां " कहता है़ । ये वह खेतिहर इंसान कर रहा है़ जिसके धर्म मे पशु पंक्षियो के लिए अनाज का कुछ हिस्सा निकालना धर्म बताया गया है़ । यही नही वह कृषि विभाग व कृषि विभाग के जाने माने जागरूक किसान कही दिखायी नही दे र...

खेत तालाब योजना शुरू लाभ उठाये किसान - भूमि संरक्षण अधिकारी

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खेत तालाब योजना शुरू लाभ उठाये किसान - भूमि संरक्षण अधिकारी सन्त कबीर नगर - बदहाल जिन्दगी जी रहे तंगहाल किसानो के लिए सरकार  द्वारा सुदृढ़ योजना लायी गयी है़ । प्रधानमंत्री सिचाई योजना के अन्तर्गत किसान खेत तालाब योजना का लाभ उठा सकते है़ । इस योजना का लाभ तीन किस्तो मे प्राप्त होगा । जो डी बी टी के माध्यम से किसानो के बैक खाते मे सीधे भेजी जायेगी । लघु तालाब की अनुमानित लागत 105000 मे अनुदान राशि 52500 एवं मध्यम तालाब की अनुमानित लागत 228400 मे अनुदान राशि 114200 प्रस्तावित है़ । इस बहुउद्देशीय योजना के तहत किसान मत्स्य पालन, सिंघाड़ा उत्पादन एवं खेत की सिंचाई कर जहां अपनी मालीहालत को सुधार सकते है़ वही जल संचयन कर प्रकृति सुव्यवस्था का हिस्सा बन सकते है़ । उन्होने यह भी बताया कि तालाब के चारो तरफ की निर्माण बांध की जमीन से भी किसान अच्छा खासा आमदनी कर सकते है़ फलोत्पादन सब्जी उत्पादन सहित सहजन आदि का वृक्ष लगाकर अतिरिक्त आमदनी कर सकते है । भूमि संरक्षण अधिकारी सतेन्द्र तिवारी द्वारा योजना लाभ की जानकारी देते हुए बताया गया कि खेत तालाब योजना का लाभ पाने हेतु किसानो को आन लाइन आवेदन ...

मौका मिला तो गांव को बनाऊंगा आदर्श गांव - मोहम्मद याकूब

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मौका मिला तो गांव को बनाऊंगा आदर्श गांव - मोहम्मद अयूब  सन्त कबीर नगर - युवक मतदाताओ द्वारा चलायी जा रही आदर्श गांव की मुहिम का हिस्सा बने प्रधान पद प्रत्याशी मोहम्मद अयूब । कहा युवक मतदाताओ की सोच गांव के हित मे है अगर मुझे मौका मिला तो आदर्श गांव की सोच को साकार करूंगा । बताते चले कि गांव मे स्थापित रीलेक्सो कंपनी के निदेशक द्वारा आम जनमानस के हित मे कार्य एवं गांव को ग्रीन गांव बनाने की पहल से सीख लेते हुए बतौर प्रेरणा गांव को आदर्श गांव बनाने की सोच बनाकर पंचायती चुनाव के रास्ते गांव का प्रतिनिधित्व एक ऐसे उम्मीदवार को चुनकर देने का आगाज किया जो प्रत्याशी सरकार द्वारा चलायी जा रही विकासशील लाभकारी योजनाओ को ईमानदारी से लाभांवित कर गांव को आदर्श गांव बनाने की जिम्मेदारी निभायेगा । इस मुहिम मे बड़े बुजुर्गो की भी हिस्सा बनने की कवायद तेज देखी गयी । बहरहाल प्राप्त जानकारी के अनुसार युवक मतदाताओ की सोच और पहल को प्रधान पद प्रत्याशी मोहम्मद अयूब नैतिक जिम्मेदारी मानते हुए खरा उतरने का भरोसा जताना जा रहा है़ । युवक मतदाताओ से मिलकर उनकी मुहिम का हिस्सा बनने की मंशा जाहिर कर अपना सौभाग...

॥ कोरोना हारेगा ॥ अनमोल जिन्दगी मे उदासीनता की कीमत

॥ कोरोना हारेगा ॥ अनमोल जिन्दगी मे उदासीनता की कीमत  ▪जान है तो जहान है▪ जी एल वेदांती सन्त कबीर नगर - जिस स्वस्थ और बेहतर जिन्दगी के लिए अच्छे से अच्छे घर का निर्माण करते है रोजी - रोटी के लिए कड़ी मेहनत से लेकर इमान बेचते है नाते - रिश्ते भूलकर मानवीय चेहरे का तिरस्कार करते है बूढ़े मां - बाप को घर से बाहर निकालकर बेघर करते है आपसी भाईचारे को तिलांजलि देकर अपराध भ्रष्टाचार को अंगीकार करते है बेटियो को दहेज के नाम पर जलाकर राख करते है एक अंगुल जमीन का संतोष छोड़कर हत्या जैसा जघन्य अपराध करते है आज वही जिन्दगी कोविड 19 के सामने घुटने टेक दी है सुरक्षा के क्रम मे सरकार से लेकर जिला प्रशासन द्वारा की जा रही सुरक्षा की व्यवस्था " सोशल डिस्टेंसिंग , सेनेटाइजर व मास्क प्रयोग " का कोई मतलब नही दिख रहा । सोशल डिस्टेंसिंग से लेकर सेनेटाइजर व मास्क प्रयोग सख्ती अभियान सब धरी की धरी रह जा रही है न जागरूकता दिखायी जा रही है न सुरक्षा का दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है । उल्लेखनीय है कि पूरी दुनिया को अपना भयंकर रूप दिखाकर नरसंहार करने वाला वैश्विक महामारी कोविड 19 से बचाव के क्रम मे सरकार द्वार...

आदर्श गांव की मूल पहचान स्वच्छता है - अब्दुल्ला खान

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आदर्श गांव की मूल पहचान स्वच्छता है - अब्दुल्ला खान सन्त कबीर नगर [ बेलहर कला ] आदर्श गांव बनाने उतरे नौजवानो को कंपनी निदेशक अब्दुल्ला खान ने दिया गली मे झाड़ू लगाकर स्वच्छता का सन्देश । एक आदर्श गांव तभी बनता है जब गांव के लोग आपसी भाईचारे के साथ जीवन यापन करे और जागरूकता के साथ गांव को स्वच्छ रखते हुए अपनी - अपनी संस्कृति विरासत का अनुपालन करे ।  बताते चले कि विकास खण्ड बेलहर कला के ग्राम पंचायत बरगदवां कला के आदर्श गांव के प्रेरणा स्रोत रहे रीलेक्सो डोमस्वेयर कंपनी के निदेशक अब्दुल्ला खान द्वारा किये जा रहे नौजवानो द्वारा आदर्श गांव के प्रयास को केवल सराहा ही नही गया बल्कि आदर्श गांव की मूल पहचान से रूबरू कराते हुए गली मे झाड़ू लगाकर स्वच्छता का सबक भी दिया गया । इस दौरान कंपनी निदेशक द्वारा झाड़ू लगाते देख अनेको ग्रामीणो ने बंटाया । महिला वर्ग भी पीछे नही रही वे भी हाथ मे झाड़ू व टोकरी लेकर स्वच्छता अभियान की हिस्सा बनी ।

कामर्शियल गांव की ओर अग्रसर हुआ बरगदवां कला

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कामर्शियल गांव की ओर अग्रसर हुआ बरगदवां कला सन्त कबीर नगर [ बेलहर कला ] प्रखंड बेलहर कला का ग्राम पंचायत बरगदवां कला कामर्शियल गांव की और अग्रसर होता दिखायी दे रहा है जबसे गांव मे रीलेक्सो डोमस्वेयर कंपनी स्थापित हुआ है तब से रोजी रोजगार के अवसर बढ़ने लगे है एक तरफ जहां कंपनी मे लगकर रोजी प्राप्त की जा रही है वही कंपनी के सहयोग से रोजी रोजगार किये जा रहे है व्यवसायिक खेती बतौर बढ़ावा किसानो को केले के पौधे पपीते के पौधे वितरित कर आर्थिक मजबूती देने का काम किया जा रहा है अब तक दर्जनो किसानो को सैकड़ो केले पपीते का पौधा नाशिक महाराष्ट्र से उपलब्ध करवा कर दिया जा चुका है । जिससे श्यामलाल जैसा किसान आर्थिक मजबूती पाते हुए खुशहाल जिन्दगी की ओर अग्रसर हो गया है तो वही चाय की दुकान , किराने की दुकान , सैलून एवं रोजमर्रा की जरुरते पूरी करने वाली छोटी - बड़ी दुकाने खोलवा कर खुशहाल जिन्दगी के आयाम दिखाने का प्रयास किया जा रहा है । यही नही गांव क्षेत्र के गरीब बीमार व्यक्ति जन इलाज से वंचित न हो इसका भी ख्याल रखते हुए " अपना दवाखाना " खोलकर नियमित स्वास्थ्य लाभ दिया जा रहा है । अपने दो साल ...

मतदाता कब समझेंगे अपने वोट की कीमत ?

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मतदाता कब समझेंगे अपने वोट की कीमत ?  जी एल वेदांती सन्त कबीर नगर - " देर आये दुरूस्त आये " लोक प्रसिद्ध इस कहावत को लोग समझे या न समझे पर चुनाव लड़ने वाला हर प्रत्याशी समझता भी है और फायदा भी उठाता है । लेकिन जख्मो पर छिड़के नमक की तरह पांच साल तक दर्द सहने वाला मतदाता नही समझ पाता है मजे की बात तो ये है कि इन्हे प्रत्याशी के हर दिखावे संस्कृति और संस्कार लगते है । ये स्थिति तब है जब ये अधिकारो के शीर्ष पर बैठे है । उल्लेखनीय है कि दिवा स्वप्न की तरह चुनाव का आसार होते ही मतदाताओ को रिझाने का सिलसिला शुरू हो जाता है जूं पड़े कानो को घर भीतर की आवाज सुनाई देने लगती है वाहनो मे इंधन की मात्रा बढ़ जाती है ढीली जेबे वजन होने लगती है टेढ़े तीखे मुंह मे मीठे शहद घुल जाते है वाणी और हाथो मे संस्कारो के पुल बंध जाते है कदमो की आहट हमदर्दी के राग अलापने लगते है गली - मुहल्ला , चौराहे बाजार अभिवादन के पांव फैलाने लगते है नीद की तो हाल न पूछो पलक झपकने की आहट भी सुनाई दे जाती है । लेकिन पछतावा सीख सबक के साथ मतदाता चुनावी अवसर को ऐसे भूनाते है जैसे " मै नर राची न लखी , तुम कस लख्यो सुज...

रीलेक्सो कंपनी निदेशक से मिली प्रेरणा - ग्रामीण नौजवान

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रीलेक्सो कंपनी के निदेशक से मिली प्रेरणा सन्त कबीर नगर - कंपनी निदेशक द्वारा गांव मे जनहित कार्य करते हुए देख नौजवानो की बदली सोच । प्रेरणा लेते हुए उठाये ऐसा कदम की चल पड़ी आदर्श गांव बनाने की मुहिम ।  उल्लेखनीय है कि प्रखण्ड बेलहर कला के ग्राम पंचायत बरगदवां कला के नौजवान मतदाताओ मे अपने वोट को लेकर बेहद मे उत्साह है । अपने वोटो का महत्व समझते हुए मताधिकार का प्रयोग कर सुयोग्य उम्मीदवार चुनकर गांव को आदर्श गांव बनाने की मुहिम छोड़ने वाले नौजवान पटल पर आ गये है । गांव मे स्थापित रीलेक्सो डोमस्वेयर कंपनी के निदेशक अब्दुल्ला खान से प्रेरणा लेते हुए अपने मताधिकार का प्रयोग आदर्श गांव बनाने के लिए करेगे । निदेशक द्वारा कराये गये जनहित कार्यो का जिक्र करते हुए नौजवान अकरम हुसैन , रियाजुल हक , लालचंद , हरिश्चंद्र आदि ने बताया कि कंपनी निदेशक द्वारा कराये गये जनहित कार्यो से हम लोगो को प्रेरणा मिली है । अगर वे अपनी मेहनत की कमाई से गांव वालो की खुशी के लिए चाय की दुकान , सैलून की दुकान , आइसक्रीम , किराना की दुकान , निशुल्क दवाखाना , ग्रीन गांव के लिए आम , नीम , बाटल पाम आदि के पौधे , जगह ...

बादल की गरज से रो पड़ी गेहूं की बालियां

बादल की गरज से रो पड़ी गेहूं की बालियां जी एल वेदांती संत कबीर नगर - यह और बात है कि ज्ञान के बूते कायनात मे मानव जीवन की श्रेष्ठता है पर ब्रहांड की और सृष्टिया किसी मामले मे कम नही है भले ही वो खुले शब्दो मे कुछ प्रकट न कर सके पर उनके भीतर भी ज्ञान का वह अंग है जिसे हम सहानुभूति मे दया , करुणा का भाव कहते है उन्हे भी सुख - दुःख का आभास होता है जिसका बहुत सा उदाहरण देखा जा सकता है । बहरहाल आज जब भोर मे बादल गरज रहे थे और किसानो के चेहरे पर चिंता की लकीरे गहरी होती जा रही थी तब खेतो मे खड़ी गेहूं की बालियां रो रही थी । उनके अंगो का बिखरना यह बताने की कोशिश कर रहा था । रे किसान ! तू ये मत समझ कि बादल की गरज से सिर्फ तुम्ही आहत हुए हो । जरा गौर से मुझे भी देख ! हम भी आहत हुए है़ हो सकता है़ तेरी चिंता मे अपने लोगो की ही फिकर रही हो पर मुझे देख मै तेरे लिए भी चिंतित हूं और उन पशु पक्षियो के लिए भी चिंतित हूं जो हमे अपना जीवन समझते है़ । लेकिन ये चिंता तुझे क्यू ? तू तो अपने भाग्य का निर्माता है जैसा चाहे वैसा कर्म कर तू तो बन सकता है अभागे तो हम लोग है जो जीवन तो पाते है पर उसे संवार नही सकत...

आदर्श गांव बनाने की नौजवानो ने भरी हुंकार

 आदर्श गांव बनाने की नौ जवानो ने भरी हुंकार सन्त कबीर नगर - इसे विकास परिवर्तन की लहर कहा जाय या विकास के इस युग को और बेहतर रूप देने का जुनून कहा जाय ग्राम पंचायत के चुनाव मे उतरे अपने प्रिय प्रत्याशी के समर्थन मे नवयुवको का एक हुजूम उमड़ पड़ा है़ । नामांकन के दिन नवयुवको का ऐसा उत्साह देखने मे आया है़ जैसे किसी बड़े बदलाव की प्रबल इच्छा है़ । ताजा मामला विकास खण्ड बेलहर कला के ग्राम पंचायत बरगदवां कला का है़ जहां प्रधान पद चुनाव को लेकर नव युवको का एक हुजूम उमड़ पड़ा है़ बताया जाता है़ कि एकमत होकर मतदान करने के पीछे नव युवको का मकसद ग्राम पंचायत को आदर्श गांव बनाना है़ । इस सम्बन्ध मे जब नव युवको से पूछा गया तो बताया कि हमे अपने वोट की कीमत देखनी है़ बताया जाता है़ कि अगर हम किसी सुयोग्य प्रत्याशी को प्रतिनिधित्व के लिए चुने तो विकास तो विकास उत्तम संस्कार के साथ हम अनेक मतावलंबी होकर भी आदर्श के रूप मे एक साथ जीवन यापन कर सकते है़ । उन लोगो ने यह भी बताया कि अब जब हम जिम्मेदारी उठाने जा रहे है़ तो हम अपने विकास के साथ अपने गांव को भी विकास के रूप मे देखना चाहते है़ । उल्लेखनीय है कि...

सेवा कोई वजह नही नैतिक जिम्मेदारी होती है - अब्दुल्ला खान

 सेवा कोई वजह नही नैतिक जिम्मेदारी होती है - अब्दुल्ला खान           💠 आज कटुता का बोलबाला है इसके चलते हम इंसानी भूल रहा है हमसे एकता भाईचारा, प्रेम बंधुत्व दूर होते जा रहा है आधुनिक विकास की ललक हमसे हमारा हरा भरा वातावरण हमारा इंसानी गुण छीन ले रहा है जब हम एक छोटे गांव हरे भरे वातावरण और एकता भाईचारे मे जीवन यापन नही सकते तब हम पूरे देश की परिकल्पना कैसे कर सकते है 💠 साक्षात्कार जी एल वेदांती सन्त कबीर नगर - जीवन व शिक्षा के प्राथमिक दौर से जीवन के गुजारा भत्ता के लिए संघर्षरत रीलेक्सो डोमस्वेयर कम्पनी तक का सफर करना अपने आप मे एक मिशाल तो है ही उन लोगो के जीवन उद्धेश्यो का भी यह ऐसा जीवंत उदाहरण है जो लोग अपराधिक कृत्य के हवाले जिन्दगी को कर देते है बूढ़े मां - बाप को घर से बाहर निकाल देते है आज कम्पनी निदेशक केवल सफल होकर सुखमय जिन्दगी के साथ जीवन ही नही जी रहे है बल्कि रोजी - रोजगार के साथ समाजिक कार्यो मे बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे है सहयोग , व्यवस्था , जागरूकता , सबलता पर भी काम कर रहे है जन्म स्थान गांव को जहां ग्रीन गांव बनाने का बीड़ा उठाकर मुफ्...

ढूंढता हूं

 🔰 ढूंढता हूं 🔰 ढूंढता हूं  कोई शब्द मिल जाये इस कायनात मे ऐसा जिसे  जुबां पर लाने पर कोई रिश्ता कोई संस्कार अपना मुख न मोड़े कोई रीति कोई रिवाज अपनी पहचान न छोड़े । ढूंढता हूं ऐसा शब्द जिससे कोई धर्म कोई कर्म ये न कहे तुम और हो । ढूंढता हूं ऐसा शब्द जिसे सब  मिलकर कहे ये बात आज मानव को मानवता का  सच्चा साथी  मिल गया । जी एल वेदांती