सर्वांगीण विकास कही लहजे की सौगात तो नही ?
सर्वांगीण विकास कही लहजे की सौगात तो नही ? ॥ सड़को का हाल खस्ताहाल ॥ सन्त कबीर नगर - सर्वांगीण विकास की बात उस बात की तरह है जिसे सुना तो जाता है पर देखा नही जाता । जनपद का सृजन हुए चौबीस वर्ष का समय हो गया पर अभी इसे सर्वागीण विकास के नाम से जानने का वह सौभाग्य प्राप्त नही हुआ जिसका उदाहरण दिया जा सके । उदासीनता इतना कि जनपद मुख्यालय मे एक बस डिपो नही बन पाया । टैक्सी स्टैण्ड नही बन पाया , संयुक्त जिला अस्पताल के जल निकासी का नाला नही बन पाया । एक ऐसा गार्डन नही बन पाया जो शान्त वातावरण का झलक दिखाते हुए शहर वासियो सहित सैलानियो आगंतुको को सुकून पहुंचा सके । उदासीनता की हदे पार और तब हो गयी जब जिला प्रशासन से आम लोगो को जोड़ने वाला सीयूजी मोबाइल नम्बर को बेहतर नेटवर्किग की व्यवस्था नही मिल पायी । जबकि एक से बढ़कर एक सरकारे आयी एक से बढ़कर एक जनप्रतिनिधि हुए परंतु जनपद का मुखर विकास नही हो नही पाया । यही नही जनपद ऐसा भी सौभाग्यशाली वक्त को देखा है जिसके अंतर्मन मे विकास की प्राथमिकता विद्यमान थी जिसके मुखर रूप मे विशेष तौर पर डां भीमराव अम्बेडकर समग्र ग्राम्य विकास योजना मे बहुतायत गा...