नशे का लत छोड़ो स्वस्थ जीवन से नाता जोड़ो
नशे का लत छोड़ो स्वस्थ जीवन से नाता जोड़ो जी एल वेदांती सन्त कबीर नगर - निरन्तर विकास की ओर बढ़ती रंग - बिरंगी इस दुनिया मे नशे की लत को जीवन का जरूरी अंग भले ही मान लिया जा रहा है भले ही इसके सेवन को जिन्दगी की शान मानी जा रही हो । लेकिन इसका सेवन किसी उस आग से कम नही है जिसके जाने - अनजाने स्पर्श से हाथ इत्यादि जल जाते है इसके लिए आर्थिक क्षति पहुंचाना जहां आम बात है वही जान पर बन आना इसकी फितरत है स्वास्थ्य हानि करना तो इसका जन्मजात गुणधर्म है । बहरहाल नशे के लत मे लोगो की संख्या बेतहाशा बढ़ते जा रही है खाद्य पेय पदार्थो मे लोगो की यह पहली पसंद हो गयी है किसी कार्यक्रम पार्टी मे इसकी नगण्यता कार्यक्रम की नगण्यता है । अलबत्ता नशा मुक्त अभियान उतना ही अपना असर दिखा रहा है जितने ताप से बीरबल की खिचड़ी बनती है । जिसका उदाहरण विकास के नाम पर विभिन्न प्रकार के वे उत्पाद है जिन्हे शब्दो की दुनिया मे बीड़ी , सिगरेट मदिरा , पान मसाला , गुटखा कहते है । उल्लेखनीय है कि जीवन यापन के लिए प्रकृति की व्यवस्था जैसी किसी की कोई व्यवस्था नही है जिस नीति के तहत प्रकृति ने खाद्य व्यवस्था मुहैया करायी है...