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महिलाओ ने मनाया सावन उत्सव

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महिलाओ ने मनाया सावन उत्सव      लखनऊ { सरोजनी नगर }भारत की सभ्यता और संस्कारो को आगे बढ़ाने वाला सावन निश्चित रूप से भारतीय संस्कृति मे बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान रखता है । लखनऊ के फोर सीजन बैंक्विट हॉल सरोजनी नगर महिलाओ ने विभिन्न प्रतियोगिताओ मे भाग लेकर सावन उत्सव मनाया आयोजन शिक्षक एवं समाजसेवी रीना त्रिपाठी और उनकी टीम ने किया । कार्यक्रम का उद्देश्य बताते हुए गीता वर्मा ने कहा कि सावन मे महिलाए लाल रंग छोड़कर सुहाग के रूप मे हरा रंग ग्रहण करती है । प्रकृति की चारो तरफ पूजा होती है और प्रकृति के इसी मान सम्मान को सेलिब्रेट करने के लिए हम मना रहे है ।  कार्यक्रम मे मेहंदी प्रतियोगिता लोक संगीत का गायन और लोक नृत्य का प्रदर्शन किया गया और इन सभी प्रतियोगिताओ मे प्रतिभाग करने मे उत्कृष्ट प्रतिभागियो को कार्यक्रम के जज मलिहाबाद की विधायक माननीय जयदेवी कौशल , समाजसेवी एवं ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष शाइस्ता अम्बर , कृष्णा गर्ल्स डिग्री कॉलेज की प्रधानाचार्य सारिका दुबे , समाजसेवी नीता खन्ना के द्वारा पुरस्कृत किया गया । रीना त्रिपाठी ने बताया कि महिलाओ...

कितनी होगी जनपद की हरियाली ?

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कितनी होगी जनपद की हरियाली ? निगरानी का अभाव  सन्त कबीर नगर = शुद्ध वातावरण के मूल उद्देश्य के साथ अनेको लाभो मे वृक्षारोपण से जनपद वासियो सहित प्रकृति को कितना लाभ पंहुचेगा निगरानी नीति के अभाव मे आने वाला वक्त ही बतायेगा ।  बहरहाल दायित्व निर्वहन की फिकरमंदी मे प्रभारी मंत्री , जिला प्रशासन , जन प्रतिनिधियो के साथ वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण का पुनीत कार्य किया जा रहा है । वृहद वृक्षारोपण अभियान के तहत प्रदेश के 35 करोड़ वृक्षारोपण लक्ष्य क्रम जनपद मे कुल 2913040 के वृक्षारोपण लक्ष्य को पूर्ण किया जा रहा है । इसके पूर्व के हर वर्षो मे अस्तित्व के दृष्टिगत प्रश्नो के बीच लाखो की संख्या मे वृक्षारोपण का पुनीत कार्य होता रहा है । पुनीत कार्यो के मायने मे जन जागरूकता की गम्भीरता मे प्रभारी मंत्री का वक्तव्य एक प्रकार से प्रकृति वंदना के साथ उत्तर प्रदेश को हरा भरा बनाने का संकल्प वृक्षारोपण अस्तित्व के दृष्टिगत भले ही एक अछूते प्रश्न को खड़ा कर रहा है । लेकिन उद्देश्य को नजरंदाज करना मुनासिब नही होगा । आज तमाम सफलताओ के बीच पर्यावरण एक चुनौती बनकर उभरा है । जिसको नैत...

अनेको प्रकार से उपयोगी है वृक्ष = गणेश चौहान

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अनेको प्रकार से उपयोगी है वृक्ष = गणेश चौहान  धनघटा = विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत कोचरी मे वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन हुआ । कार्यक्रम का उद्घाटन विधायक गणेश चौहान द्वारा वृक्ष लगाकर किया गया । विधायक गणेश चौहान ने कहा कि वृक्ष अनेको प्रकार से हमारे लिए उपयोगी है । यह न केवल फल , फूल , लकड़ी , औषधि , खाद्य पदार्थो के स्रोत है बल्कि यह वातावरण से कार्बनडाई आक्साइड को अवशोषित कर ऑक्सीजन की सतत आपूर्ति से वातावरण को स्वच्छ भी करते रहते है । इसके साथ ही वन अनेक पक्षियो , कीड़े - मकोड़ो एवं अन्य जीव - जन्तुओ के लिए प्राकृतिक वास स्थल भी है ।  इस दौरान विभिन्न स्थानो पर 5500 वृक्ष लगाये गये । इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य बन्धु प्रसाद चौहान , प्रदीप पाल , अंकुर पाण्डेय , अजय सोनकर , विरेन्द्र चौहान , विनय पाण्डेय सहित अन्य लोग मौजूद रहे ।

पत्रकार संगठन और उनके उद्देश्यो की जटिलताये

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पत्रकार संगठन और उनके उद्देश्यो की जटिलताये दीप तले अंधेरा सन्त कबीर नगर = पत्रकारो  के हित को साधते हुए जनपद मे कइयो पत्रकार संगठन अपने अस्तित्व को कायम किये हुए है । पत्रकार उत्पीड़न समस्या निदान के क्रम मे यदा - कदा उनकी चहलकदमी होती रहती है । लेकिन इस चहलकदमी को अगर औपचारिकता का रूप मात्र कहा जाय तो कोई अतिश्योक्ति नही होनी चाहिए । मसलन इनके उद्देश्य मतभेदो अथवा कुछ और कारणो के इर्द गिर्द सदैव घिरी हुई नजर आती है । जनपद मे कोई ऐसा संगठन नही है जो अपने उद्देश्यो की पूर्ति मे काम करता हो । किसी न किसी रूप मे भटकता हुआ नजर आता है जर्नलिज्म की दृष्टि मे तो और । जिसका उदाहरण हालिया मे एक पत्रकार के उत्पीड़न मे हितार्थ उठाई गई आवाज है जिसमे महज पचास की संख्या के आस - पास ही मीडियाकर्मी एकजुटता का परिचय के साथ पूर्व के तमाम उदाहरण है । जबकि संख्या का बल देखा जाय तो सैकड़ो की है । वही अगर संगठनो का आंकड़ा देखा जाय तो चार पांच संगठनो से कही अधिक संगठनो का रिकार्ड मिल जायेगा ।

बढ़ती जनसंख्या और बिलखते हम = रीना त्रिपाठी

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बढ़ती जनसंख्या और बिलखते हम रीना त्रिपाठी  विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई को मनाया जाता है । इस वर्ष विश्व जनसंख्या दिवस की थीम है लैंगिक समानता की शक्ति को उजागर करना , निश्चित रूप से आपके मन में प्रश्न आएगा यह लैंगिक समानता क्या है ? लैंगिक समानता का अर्थ यह नही कि समाज का प्रत्येक व्यक्ति एक लिंग का हो अपितु लैंगिक समानता का सीधा सा अर्थ समाज मे महिला तथा पुरुष के समान अधिकार , स्वतंत्रता , दायित्व तथा रोजगार के अवसरो के परिप्रेक्ष्य मे है । दुनिया की अनंत संभावनाओ को अनलॉक करने के लिए महिलाओ और लड़कियो की आवाज को ऊपर उठाना विश्व जनसंख्या दिवस का मुख्य उद्देश्य है । यदि आंकड़ो की बात की जाए तो आज भारत 142.86 करोड़  की जनसंख्या के साथ ही चीन की जनसंख्या 142.57 करोड़ से आगे निकल चुका है भारत 2.9 मिलियन यानी कि 29 लाख के अंतर से चीन से आगे है भारत मे 15 वर्ष से लेकर 64 वर्ष की आबादी की जनसंख्या लगभग 68 प्रतिशत है । निश्चित रूप से एक बहुत बड़े पायदान मे आज हम विश्व कीर्तिमान मे नंबर एक पर खड़े है पर फिर भी खुशी से ज्यादा चिंता की बात है क्यो कि इतनी बड़ी जनसंख्या को अशिक्षा बेरोज...