छतो के पानी से डूब रहे चौराहे !
छतो के पानी से डूब रहे चौराहे ! ॥ सुरक्षित रास्ता देने मे जिला प्रशासन नाकाम ॥ सन्त कबीर नगर - चौराहो की सड़को पर बाढ़ जैसी स्थिति को लेकर जिला प्रशासन की बाढ़ राहत कार्य पर कोई सवाल उठने के दायरे हो या न हो पर विकास की प्राथमिकता मे सुव्यवस्था की जिम्मेदारियो पर सवाल जरूर उठ रहा है । आखिर वो प्रशासन की कौन सी मजबूरी है जो बतौर अतिक्रमण जनपद के लगभग हर ग्रामीण चौराहो की सड़को को नाबदान व छतो के पानी से डूबते देख रहा है ? उल्लेखनीय है कि विकास की जद मे आये ग्रामीण क्षेत्रो मे जगह - जगह चौराहो का सृजन हो रहा है । आवश्यकता की लगभग सभी वस्तुये समय सुगमता से छोटे से छोटे चौराहो से प्राप्त हो जा रहे है बहुतायत लोगो की नींद चौराहो के चाय की चुस्की और गुटका पान मसाला से टूट रहे है । राजनीति के अखाड़े रोज लगते है रोज खत्म होते है । बाशिंदों द्वारा मकान - दुकान निर्माण मे कोई कोर - कसर नही छोड़ा जा रहा है आधुनिकता की कारीगरी आईने की तरह साफ दिखायी दे रही है रुपयो के खर्च मे कोई विशेष बजट नही देखा जा रहा है जमीन खरीदारी से लेकर निर्माण कार्य व निवास व्यवस्था के पीछे रुपया पानी की तरह बहाया जा रहा ...