विश्व जल दिवस महज औपचारिकता नही

 विश्व जल दिवस महज औपचारिकता नही


जी एल वेदांती

सन्त कबीर नगर - बेशक शिक्षा सफलता का द्योतक है हम जो भी विकास करते है उसमे शिक्षा का ही महत्व होता है चाहे उत्कृष्ट समाजिकता संस्कार की बात हो , चाहे भौतिक जीवन विकास की बात हो या फिर आध्यात्मिकता की बात हो । लेकिन शिक्षा केवल विकास का ही द्योतक नही है बल्कि सजगता जागरूकता आदि का भी द्योतक है । अन्यथा जल संरक्षण के नीयत उद्देश्य से तीन हिस्सा पानी के इस धरती पर आज " विश्व जल दिवस " नही मनाया जाता । तीन हिस्सा पानी के बीच जल संरक्षण की बात भले ही किसी कारण वश विडम्बना स्वरूप लगे । लेकिन यह सत्य है कि जल संरक्षण की आवश्यकता हमारे और जरूरी चीजो से कही अधिक है । यही वह कारण है जो सरकार द्वारा चलायी जा रही पेयजल योजना का जल संरक्षण एक आवश्यक अंग है । ऐसे मे एक गौर करने वाली ये बात जरूर है कि जब पेयजल योजना का जल संरक्षण एक अभिन्न अंग है तब पेयजल , जल संरक्षण , जल ही जीवन है , हर घर नल हर घर जल को लेकर जल निगम पेयजल योजना को उदासीनता का चादर ओढ़ा रहा है । जल जीवन मिशन के अन्तर्गत स्वीकृत वर्ष 2014 / 15 से 2020 दरम्यान के जनपद मे पैसठ पेयजल योजना का लाभ पैसठ ग्राम पंचायतो को भले ही दिखायी दे रहा है लेकिन यही जल निगम योजना लाभ संचालन के प्रति उदासीन है । एक तरफ जहां इस परियोजना लाभ को मूल उद्देश्य से देखना लगभग छोड़ दिया है वही इस योजना के तहत जागरूक की जाने वाली लक्ष्य नीति अभियान को पेयजल की ऊंची टंकी मे दफना दिया है । यही नही पेयजल योजना सम्बंधित सवाल किये जाने पर प्रभारी अधिशासी अभियंता जल निगम अजय कुमार उपाध्याय द्वारा उत्तर की जिम्मेदारी जिलाधिकारी के ऊपर थोप दिया जा रहा है । लिहाजा ऐसे मे भले ही विश्व जल दिवस को मनाया जायेगा पर कही न कही " विश्व जल दिवस " की प्राथमिकता उदासीनता की चादर मे लिपटा हुआ दिखायी दे रहा है ।

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