जिन्दगी का फलसफा मुहब्बत है़ इसे प्रेम से जीना चाहिए - अब्दुल्ला खान

जिन्दगी का फलसफा मुहब्बत है़ इसे प्रेम से जीना चाहिए - अब्दुल्ला खान

सन्त कबीर नगर [ मगहर ] जिन्दगी का फलसफा मुहब्बत है़ इसे प्रेम से जीना चाहिए उक्त बाते सपरिवार कबीर मठ आये रीलेक्सो डोमस्वेयर कंपनी के निदेशक अब्दुल्ला खान ने कही । उन्होने कहा कि सूफी सन्त कबीर दास जीवन के फलसफा है़ उनके दिये उपदेश को जिन्दगी मे उतारना चाहिए फिर देखना किसी को किसी से कोई गीला शिकवा नही रहेगा । आलिम केमिस्ट पत्नि नाहिद फातिमा ने कहा कि परिवार के साथ यहां आने से ऐसा लगता है़ मानो जिन्दगी अब कही जाकर अपनी हसरत को पायी है़ । अभी तक तो दोहे से साहित्य से उनके दिये उपदेश को पढ़ कर जानने समझने की कोशिश करते थे लेकिन असल पढ़ाई यहां आकर हुई है़ । 
बताते चले कि विगत माह दो फरवरी को सद्गुरु कबीर भोजन सेवा को नियमित करते हुए दस मार्च को वस्त्र दान सेवा कार्य प्रारम्भ करवाने के बाद रीलेक्सो डोमस्वेयर कंपनी के निदेशक अब्दुल्ला खान पहली बार सपरिवार कबीर मठ मगहर आये । इस दौरान सभी बेटिया गजल , तंजू , आदल , आयत , इफ्फा व खुशी ने भोजन सेवा मे कूपन कटवाकर भोजन सेवा की भागीदार बनी । 
इस दौरान कबीर मठ पीठाधीश्वर महंथ विचार दास के शिष्य वैद्य राम शरण दास , केशव दास मौजूद रहे ।

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