॥ प्लाज्मा दान ॥ प्राचीन सनातन संस्कृति को सारी दुनिया ने माना - कुमार अशोक पाण्डेय
॥ प्लाज्मा दान ॥ प्राचीन सनातन संस्कृति को सारी दुनिया ने माना - कुमार अशोक पाण्डेय
लखनऊ - सदियो से सनातन पुरातन संस्कृति वायु को पवन देव मानकर , जल को वरुण देव मानकर , पीपल , वट वृक्ष को देव मानकर पूजा किया जाता रहा है़ । आज पूरे विश्व ने मान लिया है़ कि यही हमारी प्रचीन सनातन संस्कृति है़ जो हमारे जीवन की रक्षा कर सकती है़ । उक्त बाते एक वीडियो सन्देश के माध्यम से बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता कुमार अशोक पाण्डेय ने कही । सन् 1978 मे सावन कुमार टाक के निर्देशन मे बनी हिन्दी फिल्म " साजन बिना सुहागन " का गायक येशु दास द्वारा गाया गीत " मधुबन खुशबू देता है़ सागर सावन देता है़ जीना उसका जीना है़ जो औरो को जीवन देता है़ " का उदाहरण देते हुए प्लाज्मा दान निसबत श्री पाण्डेय ने कहा है़ कि आप सब किसी की जान बचा सकते है़ किसी की जीवन रक्षा कर सकते है़ किसी को जीवन दान दे सकते है़ । यह हमारी प्राचीन सनातन परम्परा रही है़ , प्लाज्मा डोनेट करने से कोई नुकसान नही होता है़ किसी प्रकार की कोई कमजोरी नही होती है़ कोई एंटीबाडिज मे कमी नही आती है़ बल्कि रक्त प्रवाह बढ़ता है़ । मात्र तीस मिनट मे प्लाज्मा डोनेट का कार्य हो जाता है़ जो हर अस्पतालो मे प्लाज्मा डोनेट का बैक बना हुआ है़ । प्लाज्मा दान करने से एक खुशी मिलती है़ ।