जनपद मे अधिकारियो की अकाल !
जनपद मे अधिकारियो की अकाल !
सन्त कबीर नगर - जनपद विकास के लिए भले ही 245 करोड़ रूपये की सौगात मिली है़ । पर योजना के रास्ते पटल पर उतारने वाले अधिकारियो की अकाल पड़ी हुई है़ । जबसे जिला विकास अधिकारी राजित राम मिश्रा के बलिया के लिए हस्तांतरण हो गया तबसे न जाने क्यू अधिकारियो की भरपाई नही हो पा रही है़ । जिला विकास अधिकारी की जहां आज तक कुर्सी खाली पड़ी हुई है़ वही डी सी मनरेगा राकेश कुमार के कुशीनगर जनपद हस्तांतरण समय से डी सी मनरेगा की कुर्सी खाली पड़ी हुई है़ किसी तरह से डी डी ओ ( जिला विकास अधिकारी ) , डी सी मनरेगा ( उपायुक्त श्रम रोजगार ) , डी सी एन आर एल एम ( राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ) की जिम्मेदारी पी डी ( परियोजना निदेशक ) डी आर डी ए ( जिला ग्राम्य विकास अभिकरण ) दुर्गादत्त शुक्ल संभाल ही रहे थे कि एक और जिम्मेदारी बढ़ गयी है़ प्राप्त जानकारी के मुताबिक मुख्य विकास अधिकारी अतुल मिश्र का हस्तांतरण कार्यालय आयुक्त ग्राम्य विकास ( मुख्यालय ) लखनऊ हो जाने से यह भी जिम्मेदारी परियोजना निदेशक डी आर डी ए के कन्धे पर आन पड़ी है़ जिलाधिकारी के निर्देश पर यह भी जिम्मेदारी निभायी जा रही है । ऐसे ही बेसिक शिक्षा अधिकारी सत्येन्द्र सिंह के विगत 17 जुलाई को ट्रांसफर हो जाने से जिला विद्यालय निरीक्षक गिरीश सिंह जिम्मेदारी निभा रहे है । वही जनपद के कुल नौ ब्लाको मे नौ बी डी ओ के एवज मे महज छै खण्ड विकास अधिकारी विकास कार्य देख रहे है़ । ऐसे मे यह सवाल उठता है़ कि विकास की प्राथमिकता मे शिक्षा की गंभीरता मे जिम्मेदार अधिकारियो की अकाल क्यो पड़ी हुई है़ ?