रसूखदारी भी खाती है मात खाली पड़ी रह जाती है महीनो कुर्सी
रसूखदारी भी खाती है मात खाली पड़ी रह जाती है महीनो कुर्सी
सन्त कबीर नगर - जो रसूखदारी अधिकारियो के हस्तांतरण कराने मे फूले नही समाती है मुंह के बल वे भी धूल फाकती नजर आती है इनकी पैठ ने जिन अधिकारीगण की हस्तांतरण कराने का गौरव प्राप्त किया है उस पदाधिकारी की कुर्सी की भरपाई करने मे मात खाती हुई दिखायी दे रही है ।
बताते चले कि विगत फरवरी माह मे जिला विकास अधिकारी का हस्तांतरण जनपद बलिया हो गया था । सूत्रो के मुताबिक इस हस्तांतरण के पीछे किसी की रसूखदारी काम की थी । वही हालिया मे हस्तांरित हुए मुख्य विकास अधिकारी अतुल मिश्र के भी मामले मे सुगबुगाहट की झलक रसूखदारी की रही है ।
उल्लेखनीय है कि नियमानुसार हस्तांतरण की प्रक्रिया मे कर्त्तव्यपालन प्रभावित न होकर बलवती होती है लेकिन रसूखदारी इत्यादि से होने वाले ट्रांसफर से जिम्मेदारी का मूल्य प्रभावित होता है एक तरफ जहां कर्त्तव्यपालन प्रभावित होकर ईमानदारी को डांवाडोल की स्थिति के सामने लाकर खड़ा कर देता है तो वही दूसरी तरफ उस रसूखदारी इत्यादि को और बल मिल जाता है जो कर्त्तव्य परायणता को झकझोरने का काम करता है और तब एक और कर्त्तव्यनिष्ठ अधिकारी मानसिक तनाव का सामना करते हुए टूट सा जाता है । ऐसे विरले अधिकारी होगे जिनके पक्के इरादे नही टूटते ।
बहरहाल रसूखदारो की रसूखदारी भी धूल चाटने का काम करती है शत प्रतिशत रूप मे इसे देखा जा सकता है जिस रसूखदारी से अधिकारी का हस्तांतरण हो गया वह जिम्मेदार कुर्सी महीनो से खाली पड़ी हुई है । बतौर उदाहरण जिला विकास अधिकारी की कुर्सी फरवरी माह से खाली पड़ी हुई है । हालिया मे हस्तांरित हुए मुख्य विकास अधिकारी अतुल मिश्र की भी कुर्सी खाली पड़ी हुई है । यह और बात है कि अतिरिक्त प्रभार मे पदभार देखा जा रहा है ।