सर्वांगीण विकास कही लहजे की सौगात तो नही ?
सर्वांगीण विकास कही लहजे की सौगात तो नही ?
॥ सड़को का हाल खस्ताहाल ॥
सन्त कबीर नगर - सर्वांगीण विकास की बात उस बात की तरह है जिसे सुना तो जाता है पर देखा नही जाता । जनपद का सृजन हुए चौबीस वर्ष का समय हो गया पर अभी इसे सर्वागीण विकास के नाम से जानने का वह सौभाग्य प्राप्त नही हुआ जिसका उदाहरण दिया जा सके । उदासीनता इतना कि जनपद मुख्यालय मे एक बस डिपो नही बन पाया । टैक्सी स्टैण्ड नही बन पाया , संयुक्त जिला अस्पताल के जल निकासी का नाला नही बन पाया । एक ऐसा गार्डन नही बन पाया जो शान्त वातावरण का झलक दिखाते हुए शहर वासियो सहित सैलानियो आगंतुको को सुकून पहुंचा सके । उदासीनता की हदे पार और तब हो गयी जब जिला प्रशासन से आम लोगो को जोड़ने वाला सीयूजी मोबाइल नम्बर को बेहतर नेटवर्किग की व्यवस्था नही मिल पायी । जबकि एक से बढ़कर एक सरकारे आयी एक से बढ़कर एक जनप्रतिनिधि हुए परंतु जनपद का मुखर विकास नही हो नही पाया । यही नही जनपद ऐसा भी सौभाग्यशाली वक्त को देखा है जिसके अंतर्मन मे विकास की प्राथमिकता विद्यमान थी जिसके मुखर रूप मे विशेष तौर पर डां भीमराव अम्बेडकर समग्र ग्राम्य विकास योजना मे बहुतायत गांव चयनित हुए , डां राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना मे बहुतायत गांव चयनित हुए । यहां तक कि गोद लेने की एक विशेष परम्परा मे आधुनिक रिवाज भी चला , जिसके अभिन्न हिस्से अधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधि हुए , बावजूद सर्वांगीण विकास कही देखा नही गया । ऐसे मे राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के बीच जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा किया गया सर्वांगीण विकास का उद्घोष कहां तक असर दिखायेगा ?
उल्लेखनीय है कि विकास भवन के सभागार मे हुई जिला पंचायत सदस्यो के साथ बैठक मे सपा ( समाजवादी पार्टी ) के जिला पंचायत अध्यक्ष बलराम यादव द्वारा जहां सदस्यो के साथ समस्या निदान व विकास परियोजना पर चर्चा किया गया , वही सर्वांगीण विकास की बात पर बल दिया गया । यह बात तब सामने आयी है जब जनपद के जिला कारागार का लोकार्पण करते हुए सूबे के मुख्यमंत्री द्वारा 245 करोड़ का सौगात दिया गया । कलेक्ट्रेट सभागार मे सांसद की अध्यक्षता मे साढ़े चार साल की उपलब्धियो को गिनाया गया । अतिरिक्त कार्यक्रम के तहत उक्त कार्यकाल की उपलब्धियो को गिनाया जा रहा है ।