दायित्व के साथ इंसानियत हुआ दफन जिलाधिकारी का सख्त आदेश भी हुआ बेअसर

दायित्व के साथ इंसानियत हुआ दफन जिलाधिकारी का सख्त आदेश भी हुआ बेअसर

दायित्व से भी बड़ी होती है इंसानियत

सन्त कबीर नगर - जिम्मेदारियो की जैसे कोई अहमियत ही नही रह गयी है । उदासीनता की ताख पर इसे कदर रख दिया जा रहा है कि जिलाधिकारी का आदेश तो क्या दायित्व के साथ मानो इंसानियत की भी कोई कीमत नही रह गयी है । जिस कारण से नाथनगर देईसाड़ मार्ग जिन्दगी के लिए खतरा बन गया है उस कारण को दूर करने के लिए 30 लाख का भुगतान भी कोई मायने नही रख रहा है । यहां तक कि गम्भीर दुर्घटना की सारी जिम्मेदारी के साथ जिलाधिकारी के आदेश का भी कोई असर नही है । जिम्मेदारी को ताख पर रखकर अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग जहां बेपरवाह बने हुए है वही जिलाधिकारी के आदेश को कागज का टुकड़ा मानकर उसे कचड़े के डब्बे मे डाल दिये है ।
उल्लेखनीय है कि राज्य सड़क निधि योजना के अन्तर्गत नाथनगर देईसाड़ के पूर्व के 3.66 मीटर चौड़ाई के जगह पर 7.00 मीटर चौड़ा एवं सुद्ढीकरण का कार्य होने से विद्युत पोल एवं विद्युत लाइन कैरेजवे से सट गया है जिसके चलते यातायात को विद्युत के तारो के सम्पर्क मे आने की सम्भावना अधिक हो गयी है । इसी के चलते आये दिन दुर्घटना भी हो रही है । लेकिन अधिशासी अभियंता निर्माण खण्ड 2 लोक निर्माण विभाग सन्त कबीर नगर के पत्रांक 535 / 1 सी ( मार्ग ) 5-7-2021 एवं 906 / 1 सी (मार्ग ) द्वारा अवगत कराये जाने के बावजूद भी अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खण्ड पू0वि0 वितरण नि0 लि0 ( खलीलाबाद ) कोई ध्यान नही दे रहे है । जबकि विद्युत पोल विद्युत लाइन शिफ्टिंग हेतु पी डब्ल्यू डी द्वारा 27-3-2021 मे ही 30 लाख रूपये का भुगतान भी किया जा चुका है । लिहाजा ऐसे मे यह कहना कि " दायित्व के साथ इंसानियत भी दफन हो गयी है " कोई अतिशयोक्ति नही होनी चाहिए ।

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