शिकायतो के निस्तारण मे बढ़ते कदम !
शिकायतो के निस्तारण मे बढ़ते कदम !
शिकायते वही है पहल नये है
सन्त कबीर नगर = शिकायतो के निस्तारण मे बढ़ते कदम की बात कहना कोई गलत नही होगा लेकिन इनकी सार्थकता के परिणाम मे स्थिति संतोषजनक नही पाये जाते । जबकि कोई भी शिकायत कदाचित को छोड़ सर्वप्रथम उनसे ही होती है जो उसके निस्तारण से संबंधित होते है । उसके बाद जिलाधिकारी तक आता है जिसकी संज्ञानता मे निस्तारण के आदेश , दिशा निर्देश दिये जाते है । फिर एक कदम और आगे बढ़ते है जिसको सम्पूर्ण समाधान दिवस के नाम से जाना जाता है जिसकी गंभीरता त्वरित निस्तारण से होकर सप्ताह भीतर तक होती है । फिर भी शिकायतकर्ताओ को " वही डफली वही राग " जैसी स्थिति का सामना होता है । नवाईयत तब और देखने मे आ जाती है जब शिकायतकर्ता मण्डल स्तर से लेकर प्रदेश सरकार तक गुहार लगा बैठते है ।
बहरहाल किसी भी शिकायतकर्ता को और तकलीफ न पहुंचे अब शिकायत निस्तारण मे एक और पहल " जन सुनवाई कैंप " की शुरुआत की गई है जिसकी सफलता मे जिलाधिकारी द्वारा सुबह दस बजे से लेकर शाम पांच बजे तक बतौर कर्त्तव्य परायणता जिम्मेदारी निभाई गई है । प्राप्त शिकायतो की गंभीरता मे जिलाधिकारी द्वारा संबंधित अधिकारियो से ताबड़तोड़ फोन कर निस्तारण का दिशा निर्देश दिया जाता रहा है । प्राप्त जानकारी के मुताबिक जन सुनवाई कैंप के प्रथम दिन आयोजन मे कुल दो सौ ग्यारह प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए जिसमे सर्वाधिक सौ राजस्व मामले के साथ तीस पुलिस विभाग , आठ नगर पालिका / नगर पंचायत , उनतीस विकास विभाग , छै विद्युत , एक सिंचाई , एक नलकूप , एक लोक निर्माण विभाग , एक जल निगम , छै स्वास्थ्य विभाग , दस जिला पूर्ति , पांच जिला खाद्य एवं विपणन विभाग , एक चकबंदी , दो बैक , तीन कृषि , छै बेसिक शिक्षा , एक पी ओ डूडा के शिकायती पत्र आये । मौके पर आठ प्रार्थना पत्रो का निस्तारण हुआ । शेष बिलंबतम दो से तीन दिन भीतर निस्तारित का आदेश दिये गये ।