घाघरा, कुआनो, आमी, राप्ती नदियो के तटीय ग्राम पंचायते होगी गंगा हरीतिमा योजना से लाभान्वित
घाघरा , कुआनो , आमी , राप्ती नदियो के तटीय ग्राम पंचायते होगी गंगा हरीतिमा योजना से लाभान्वित
सन्त कबीर नगर = नदियो के किनारे हरीतिमा मे वृद्धि करना एवं भूमिक्षरण को रोकने तथा पर्यावरण को स्वच्छ रखने के मूलभूत उद्देश्य मे नदियो के तटीय क्षेत्रो को संवारने के क्रम मे गंगा हरीतिमा योजना के तहत जनपद के घाघरा , कुआनो , आमी , राप्ती नदियो के तटीय ग्राम पंचायते लाभान्वित होगी । उक्त जानकारी देते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि शासनादेश के अनुपालन क्रम मे अभियान क्षेत्र मे अवस्थित ग्राम पंचायतो मे अभियान से संबंधित गतिविधियो का आयोजन तथा ठोस एवं तरल अवशिष्ट का प्रबंधन किये जाने हेतु ग्राम गंगा सेवा समिति का गठन होगा जिसमे संबंधित ग्राम प्रधान अध्यक्ष , संबधित ग्राम पंचायत अधिकारी ( सचिव , ग्राम पंचायत ) सदस्य सचिव , स्थानीय लेखपाल सदस्य , जिलाधिकारी द्वारा नामित अन्य विभाग के दो शासकीय कर्मी सदस्य , जिलाधिकारी द्वारा नामित महिला स्वयं सहायता समूह का एक सदस्य , जिलाधिकारी द्वारा नामित अभियान से संबंधित कार्य मे रुचि रखने वाला स्थानीय निवासी , संस्था प्रतिनिधि सदस्य होंगे । पंचायती राज विभाग द्वारा संचालित विभागीय कार्यक्रमो से अभियान क्षेत्र के गांवो को संतृप्त किया जायेगा ।
योजना के क्रियान्वयन मे नदियो के तटो सहित ग्राम पंचायतो मे " जामुन , नीम , बांस , सागौन , आंवला , खम्हार , नीलगिरी और मिश्रित प्रजाति के पौधो को रोपा जायेगा । तटीय क्षेत्र को संवारने की इस योजना मे सहभागिता करने वाले व्यक्ति को गंगा सेवक के रूप मे मान्यता दी जायेगी , गांवो मे अभियान के प्रचार प्रसार के माध्यम से लघु फिल्मो , गंगा आरती , गीत आदि के द्वारा स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाई जायेगी । मृदारक्षण रोकने व वनस्पति आच्छादन बढ़ाने के लिए स्वच्छता , साफ सफाई , नदी कटान आदि मुद्दो पर ग्रामो मे समग्र विकास सुनिश्चित किया जायेगा । जनमानस को पौधारोपण से जोड़ने के लिए ग्रामो से प्रत्येक व्यक्ति द्वारा एक पेड़ रोपित किये जाने का लक्ष्य होगा । यह पौधे वन विभाग , उद्यान विभाग तथा निजी पौधशाला से प्राप्त किया जायेगा ।
इस योजना को सफल बनाने के लिए वन एवं वन्य जीव विभाग तथा बारह अन्य राजकीय विभागो , पंचायती राज विभाग , सूचना एवं जनसंपर्क विभाग , संस्कृति , बेसिक , माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा विभाग , युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल , महिला कल्याण विभाग, ग्राम्य विकास विभाग , समाज कल्याण विभाग , कृषि विभाग , उद्यान विभाग , सिंचाई विभाग तथा आयुष विभाग के दायित्व होगे ।