राज्यमंत्री के दो दिन दौरे निरीक्षण मे सूखे की मार झेल रहे किसान रहे ओझल !
राज्यमंत्री के दो दिन के दौरे निरीक्षण मे सूखे की मार झेल रहे किसान रहे ओझल !
सुख के सब साथी , दुःख मे ना कोई
सन्त कबीर नगर = 1973 मे बनी फिल्म गोपी मे गीतकार राजिंदर कृष्ण द्वारा रचित गीत " सुख के सब साथी , दुःख मे ना कोई । मेरे राम , मेरे राम , तेरा नाम एक सांचा , दूजा न कोई " चरितार्थ हो रहा है । सूखे की मार झेल रहे अन्न दाता किसानो के दुःख की इस घड़ी मे कोई नजर नही आ रहा । यह और बात है कि प्रशासन द्वारा प्रभावित फसलो का प्रतिशत निकाला जा रहा है । लेकिन राज्यमंत्री के दो दिन के दौरे निरीक्षण मे सूखे की मार झेल रहे अन्नदाता किसान नजर नही आये । यही नही सरजू नहर के अधिशाषी अभियंता द्वारा समीक्षा बैठक मे सभी नहरो मे पानी होने की बात कही गई । लेकिन इनकी बात कहां तक सही है और कहां तक गलत है बतौर परीक्षा निरीक्षण नही किया गया ।
उल्लेखनीय है कि राज्यमंत्री ( स्वतंत्र प्रभार ) स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन विभाग उत्तर प्रदेश सरकार रवींद्र जायसवाल एवं राज्यमंत्री खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति उत्तर प्रदेश सरकार सतीश चन्द्र शर्मा का जनपद मे दो दिन का दौरा निरीक्षण रहा । जिसमे मलिन बस्ती अचकवापुर से लेकर पेयजल योजना से लाभान्वित ग्राम पंचायत चकमदारुल्लाह उर्फ मलोरना , सन्त कबीर अकादमी एवं शोध संस्थान मगहर , कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय , उच्च प्राथमिक विद्यालय खलीलाबाद जिला चिकित्सालय , कान्हा गो स्थल मड़या आदि पर दौरा निरीक्षण किया गया । कलेक्ट्रेट सभागार मे विकास कार्यो एवं कानून व्यवस्था पर समीक्षा बैठक किया गया । निरीक्षण समीक्षा बैठक के दौरान आवश्यक दिशा निर्देश भी दिया गया । लेकिन सूखे की मार झेल रहे किसानो के खरीफ की फसलो का न कोई फीड बैक लिया गया और न ही सूख रहे फसलो को कही उदाहरण के तौर पर देखा गया । लिहाजा ऐसे मे यह कहना कोई अतिशयोक्ति नही होना चाहिए कि " सुख के सब साथी , दुःख मे ना कोई "