प्राथमिक विद्यालय से ओझल है 5000 आबादी वाला गांव
प्राथमिक विद्यालय से ओझल है 5000 आबादी वाला गांव
सन्त कबीर नगर ( मेहदावल ) सर्व शिक्षा अभियान की प्राथमिकता मे भले ही स्कूल चलो अभियान के क्रम मे " एक दो तीन चार , साक्षरता की जय जयकार " कोई न छूटे इस बार , शिक्षा है सबका अधिकार " मिड डे मील हम खायेगे , स्कूल मे पढ़ने जायेगे " हर घर मे एक दीप जलेगा , हर बच्चा स्कूल चलेगा " तरह _ तरह के स्लोगन देकर शिक्षा की महत्ता मे जन _ जन को जागरूक करने का काम किया जा रहा है । लेकिन देखा जाय तो इसकी ओजस्विता मे कही न कही उदासीनता की परछाई नजर आती है । जिसके चलते ओजस्विता का तेज धूमिल होता दिखाई दे रहा है । आज जब साक्षरता प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ शिक्षा के क्षेत्र मे नये आयामो मे सुव्यवस्था का बढ़ता पैमाना देखा जा रहा है तब जनपद के शिक्षा खण्ड मेहदावल का लगभग 5000 आबादी वाला ग्राम पंचायत कम्हरिया मे प्राथमिक विद्यालय की दरकार बनी हुई है । जबकि आबादी की नजर से देखा जाय तो यहां विद्यालय की दरकार या निहायत जरूरत जैसी बातो का कोई स्थान अवसर नही होना चाहिए था ।
बहरहाल " देर आये दुरुस्त आये " कहावत भले ही चरितार्थ होती नजर आ रही है पर जीवंत उदाहरण के तौर पर इसका कोई स्थान नही होना चाहिए ।
अलबत्ता व्यवस्था की नजर से यहां किसी प्रकार की कोई रुकावट अथवा अड़चन नही है । स्कूल के नाम आवश्यक भूमि से अधिक राजस्व रिकार्ड के साथ जमीन भी उपलब्ध है । ये और बात है कि डेढ़ साल से सक्षम अधिकारियो से ग्राम प्रधान का अथक प्रयास अभी तक सार्थक नही हुआ । भले ही बीच के समय मे बेसिक शिक्षा अधिकारी की संज्ञानता मे जांच टीम के माध्यम से मामले मे गंभीरता की झलक देखी गई थी । लेकिन अभी तक उसके परिणाम मे कुछ नजर नही आया । जबकि ग्राम प्रधान की माने तो ग्राम पंचायत मे प्राथमिक विद्यालय की व्यवस्था बेहद जरूरी है । इसके लिए विधायक , उपजिलाधिकारी , बेसिक शिक्षा अधिकारी से लेकर जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया गया । लेकिन अभी तक संज्ञानता के मद्देनजर बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा बीच समय मे एक बार जांच टीम भेजने के अलावा कोई पहल देखने मे नही आया ।