।। नगर निकाय ।। चुनौतियो मे मतदाता !
।। नगर निकाय ।। चुनौतियो मे मतदाता !
विकास के मुद्दे पर होती है जीत
सन्त कबीर नगर = विकास के मुद्दो पर होने वाले चुनावो के जीत की चुनौतिया करवट बदलने लगी है जो मशक्कत की चुनौतियां उम्मीदवारो की होती थी अब वह मतदाताओ के लिए होने लगी है । विकास के मुद्दे की निगाह - ए - परिवर्तन से इनके द्वारा चुने गये प्रत्याशियो की हाले बयां देखा जाय तो चुनौतियो के बीच वोटरो की वोटिंग दिखाई देती है । इनके द्वारा किया गया मतदान बेपनाह के हवाले से होती हुई दिखाई देती है जो किन्ही न किन्ही विभिन्न मजबूरियो के गलियारे के सिहरन मे हुई होती दिखाई देती है । वैसे ये कंपकपाती सिहरन कुछ भी नही है सत्ता के लक्ष्य से लक्षित राजनैतिक पार्टियां इनसे कही अधिक सिहरन से ठिठुरी हुई दिखाई देती है जो पार्टी से जुड़े हुए लोगो के वर्षो का समर्पण भाव दिखाई नही देता है जब इन्हे टिकट देने का समय आता है तब इनके हाथ ऐसे कांप जाते है जैसे किसी बहुत बड़े भूल का आभास होने पर पछतावे का एहसास होता है , नतीजतन बाजी ऐसे जन भी मार ले जाते है जिन्हे विपक्ष के राग अलापने का महारत हासिल हुई रहती है ।