विकास के मुद्दे मे बीरबल की खिचड़ी बनी सड़क
विकास के मुद्दे मे बीरबल की खिचड़ी बनी सड़क
सन्त कबीर नगर = नगर निकाय चुनाव मे चेयरमैन पद के नव निर्वाचित उम्मीदवारो के विकास के मुद्दे मे सड़को का एक विशेष स्थान रहा है । इसके पूर्व के विभिन्न पदो पर निर्वाचित जन प्रतिनिधियो का भी सड़क विशेष तौर पर मुद्दा रहा है । ऐसे मे अगर सड़को को लेकर कोई आवाज बुलन्द होने लगे जैसा कि देखने मे भी आते रहता है तब तो सड़को सहित प्राथमिकता वाले वादे पर गौर करना उतना ही जरूरी है जितना की जीत के मायने मे प्राथमिकता के तौर पर विकास के मुद्दे मे निर्वाचित होने का गौरव प्राप्त किया जाता है । वही अजेय जैसी स्थिति के दृष्टिगत मे एक दूसरे पहलू लोक प्रसिद्ध कहावत " बीरबल की खिचड़ी " के रूप मे कहना कोई अतिश्योक्ति नही होनी चाहिए ।
बहरहाल नव निर्वाचित नगर पंचायत अध्यक्षो की विकास के वादे मे प्राथमिकता का आलम आसमान छू रहा है । अब देखना यह है कि सही मायनो मे सड़को के हाल बदस्तूर बेहाल रहेगा या फिर विश्वास के पृष्ठिभूमि पर विकास के वादे मे सड़को की स्थिति मे सुधार के आयाम भी दृष्टिगत होंगे ? वक्त की सबलता मे नव निर्वाचित प्रतिनिधियो को पांच साल का पर्याप्त समय प्राप्त है ।