प्रेस वार्ता के बदलते स्वरूप

प्रेस वार्ता के बदलते स्वरूप


सन्त कबीर नगर = समाज के बदलते परिवेश मे प्रेस वार्ता का भी स्वरूप बदलने लगा है । अब प्रेस वार्ता मे एक तरफ जहां सम्बन्धितो से उसके अधिकार क्षेत्र से हटकर भी सवाल किया जाने लगा है वही दूसरे मीडिया बन्धु के सवाल समय मे अन्य मीडिया बन्धु द्वारा सवाल उठाने का काम किया जाने लगा है । ऐसे मे अब अगर संबंधित की बेरुखी नजर आ जाय तो किसी को कोई मलाल नही होना चाहिए । सम्भव है पत्रकारिता पर सवाल उठने के साथ सम्मान भी प्रभावित हो जाय तो कोई अतिश्योक्ति नही होनी चाहिए ।

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