अधिकारियो ने दिखाई विकास की प्राथमिकता एक लाख के अन्दर सिमटा वित्तीय वर्ष
अधिकारियो ने दिखाई विकास की प्राथमिकता एक लाख के अन्दर सिमटा वित्तीय वर्ष
सन्त कबीर नगर { खलीलाबाद } हालांकि विकास की प्राथमिकता मे विकास खण्ड से लेकर विकास भवन व कलेक्ट्रेट सभागार तक समीक्षा बैठको की जहां तूती बोलती है वही 100 दिन के रोजगार गारंटी मे लक्ष्य निर्धारित होता है । लेकिन इसकी जमीनी हकीकत कुछ और है । जिसका उदाहरण विकास खण्ड खलीलाबाद का ग्राम पंचायत पखुवापार व पोपया है जहां के सैकड़ो श्रमिको को रोजगार मिलना दुश्वार रहा है । सोशल आडिट की खुली बैठक के मुताबिक वित्तिय वर्ष 2023-24 मे ग्राम पंचायत पखुवापार मे पंजीकृत 343 श्रमिको मे सक्रिय 160 मनरेगा मजदूरो मे महज एक परियोजना " सिरवा पुलिया से प्राथमिक विद्यालय तक पटरी पर मिट्टी पटाई कार्य " होकर 21 मनरेगा मजदूरो मे 382 दिन का मानव दिवस सृजन हुआ । जिसमे वित्तिय वर्ष 2022-23 की पीएम आवास लाभार्थिनी तनुजा देवी पत्नी अर्जुन प्रसाद की आवास मजदूरी भी है । वही ग्राम पंचायत पोपया मे महज 4 पीएम आवास मजदूरी { 58880 } के अलावा पंजीकृत 205 श्रमिको मे सक्रिय 95 मजदूरो के 100 दिन के रोजगार गारंटी मे किसी भी परियोजना पर कोई कार्य नही हुआ ।
लिहाजा विकास की प्राथमिकता एवं समीक्षा बैठको के दृष्टिगत यह सवाल उठना लाजिमी है कि ये जिम्मेदार अधिकारियो की उदासीनता है या कोई विशेष निगहबानी है ?